Tuesday, June 23, 2026
Homeबेतियानिर्धारित समय सीमा में योजनाओं को पुरा कराएं: जिलाधिकारी।

निर्धारित समय सीमा में योजनाओं को पुरा कराएं: जिलाधिकारी।

गुणवत्ता के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।

गड़बड़ी करने वालों के विरूद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सहित ब्लैकलिस्टिंग आदि के साथ डीबार करने की भी कार्रवाई की जाएगी।

थरूहट विकास योजनाओं की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा।

योजनाओं की चरणबद्ध तरीके से जांच हेतु जांच दल गठित करने का निर्देश।

बेतिया मोहन सिंह।

जिलाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार के द्वारा आज समाहरणालय अवस्थित सभागार में समेकित थरूहट विकास अभिकरण के द्वारा क्रियान्वित योजनाओं की एजेंसीवार एवं योजनावार समीक्षा की गई।

समीक्षा के क्रम में नोडल पदाधिकारी, समेकित थरूहट विकास अभिकरण प्रदीप गोंड के द्वारा पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतीकरण करते हुए बताया गया कि वर्ष 2010-11 से 2024-25 तक कुल 364 योजनाएं ली गई हैं, जिसके विरूद्ध में 288 योजनाओं को पूर्ण करा लिया गया है तथा 76 योजनाएं अभी वर्तमान में लंबित हैं। स्वीकृत योजनाओं के विरूद्ध प्राप्त आवंटन के विरूद्ध अब तक 69 प्रतिशत राशि का व्यय किया गया है। श्री गोंड के द्वारा आगे बारी-बारी से लंबित योजनाओं की प्रस्तुति की गई।

समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी के द्वारा कार्यपालक अभियंताओं से योजना चयन के उपरांत उसके प्राक्कलन गठन से लेकर उसे धरातल पर क्रियान्वित कराए जाने तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया की जानकारी ली गई तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाईयों का त्वरित गति से निराकरण किया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार राज्य में एक मात्र पश्चिम चम्पारण ही ऐसा जिला है, जहां आवासित थारूओं के विकास के लिए राज्य सरकार के द्वारा समेकित थरूहट विकास अभिकरण का गठन किया गया है, ताकि थारू समाज के लोगों का सन्वित विकास करते हुए उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि जितनी भी योजनाएं ली गई हैं, उनका त्वरित गति से तकनीकी स्वीकृति लिया जाए तथा उसके उपरांत उसका तय समय-सीमा में धरातल पर क्रियान्वयन कराया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि योजना क्रियान्वयन के क्रम में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। अन्यथा संबंधित के विरूद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सहित ब्लैकलिस्टिंग इत्यादि के साथ डीबार करने की भी कार्रवाई की जाएगी।

समीक्षा के दौरान कुछ योजनाओं के छायाचित्र के अवलोकनोपरांत जिलाधिकारी द्वारा येाजना की गुणवत्ता पर खेद प्रकट किया गया तथा निदेश दिया गया कि जांच दल गठित कर इन योजनाओं की चरणद्ध तरीके से जांच कराई जाए। साथ ही योजना के अंतिम भुगतान के पूर्व दल के माध्यम से उस योजना की जांच अवश्यक कराने का निर्देश दिया गया।

समीक्षा के दौरान वरीय पदाधिकारी, समेकित थरूहट विकास अभिकरण-सह-अपर समाहर्ता, विभागीय जांच, कुमार रविन्द्र, नोडल पदाधिकारी प्रदीप गोंड, कार्यकारी एजेंसियों यथा भवन प्रमंडल, ग्रामीण कार्य विभाग, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के कार्यपालक अभियंता एवं योजनाओं से संबंधित संवेदक उपस्थित थे।

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