Thursday, April 16, 2026
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भूकम्प आपदा से निपटने को ऐतिहासिक फुल-स्केल मॉक ड्रिल सम्पन्न।

प्रशासनिक समन्वय और त्वरित कार्रवाई ने दिखाई जमीनी तैयारियों की मजबूती।

बेतिया मोहन सिंह।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में पश्चिम चम्पारण जिले में भूकम्प आपदा से निपटने की तैयारियों का व्यावहारिक परीक्षण करने के उद्देश्य से आज फुल-स्केल मॉक अभ्यास आयोजित किया गया, जिसमें उत्क्रमित उच्च विद्यालय शेखौना मोतिहारी रोड, राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल बेतिया, समाहरणालय भवन बेतिया, ऑफिसर कॉलोनी बेतिया, जूडियो शॉपिंग कॉम्पलेक्स बेतिया, विनायक पेट्रोल पम्प बगहा-01 तथा फ्लाईओवर बगहा अनुमंडल कार्यालय के समीप बगहा-02 को सिमुलेशन साइट बनाया गया और बेतिया शहर स्थित हवाई अड्डा परिसर को स्टेजिंग एरिया व अस्थायी राहत केंद्र के रूप में विकसित किया गया।

निर्धारित समय पर सभी सिमुलेशन स्थलों पर भूकम्प की आपदा का सजीव परिदृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद जिले के विभिन्न स्टेकहोल्डरों ने आपसी समन्वय, त्वरित निर्णय क्षमता और संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से अंजाम दिया।

मॉक ड्रिल के दौरान घायलों को तत्काल राहत शिविर में प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया और गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को त्वरित रूप से जीएमसीएच पहुंचाकर गहन चिकित्सा की व्यवस्था की गई, जिससे आपात स्थिति में चिकित्सा तंत्र की तत्परता और रेफरल प्रणाली की प्रभावशीलता का सफल परीक्षण हुआ।

पूरे अभ्यास के दौरान प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन, एसडीआरएफ, नगर निकाय, विद्युत, दूरसंचार, लोक स्वास्थ्य, पशुपालन, पथ निर्माण, भवन प्रमंडल तथा शिक्षा विभाग के स्काउट-गाइड और एनसीसी कैडेटों ने समर्पित भाव से कार्य करते हुए यह उदाहरण प्रस्तुत किया कि समन्वित प्रयासों से आपदा के समय जान-माल की क्षति को न्यूनतम स्तर तक सीमित किया जा सकता है।

अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन अनिल कुमार सिन्हा ने मॉक ड्रिल के सफल आयोजन पर सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के अभ्यास वास्तविक आपदा के समय घबराहट को कम करने, जिम्मेदारियों की स्पष्टता बढ़ाने और राहत कार्यों की गति को तेज करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं तथा जिला प्रशासन भविष्य में भी ऐसे अभ्यासों की नियमितता सुनिश्चित करेगा।

प्रभारी पदाधिकारी जिला आपदा प्रबंधन शाखा श्रीमती नगमा तबस्सुम ने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि फील्ड लेवल पर विभागों के बीच समन्वय, संचार प्रणाली की मजबूती और संसाधनों की त्वरित उपलब्धता की जांच करना है, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जिले की प्रतिक्रिया प्रणाली और अधिक प्रभावी बन सके।

उन्होंने बताया कि इस अभ्यास में सभी कोषांगों के 63 पदाधिकारी एवं कर्मी, जिला सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय के 11 कर्मी, बीएसएनएल के 08 कर्मी, विद्युत आपूर्ति के 09 कर्मी, लोक स्वास्थ्य के 08 कर्मी, पशुपालन के 19 कर्मी, भवन प्रमंडल के 07 कर्मी, पथ निर्माण के 07 कर्मी, विधि-व्यवस्था के 24 कर्मी, नगर परिषद बगहा के 20 कर्मी, नगर निगम बेतिया के 30 कर्मी, स्वास्थ्य विभाग के 44 कर्मी, अग्निशमन के 42 कर्मी, एसडीआरएफ के 25 कर्मी, शिक्षा विभाग स्काउट-गाइड के 55 सदस्य तथा एनसीसी के 45 कैडेटों ने सक्रिय भागीदारी निभाकर अभ्यास को पूरी तरह सफल बनाया।

मॉक ड्रिल समाप्त होने के बाद अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन अनिल कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में अभ्यास के सकारात्मक पहलुओं की सराहना की गई और जिन स्तरों पर समन्वय में आंशिक कमी देखने को मिली, उन्हें दूर करने के लिए संबंधित विभागों को समयबद्ध सुधारात्मक निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन अनिल कुमार सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी बेतिया सदर विकास कुमार, प्रभारी पदाधिकारी जिला आपदा प्रबंधन शाखा श्रीमती नगमा तबस्सुम, जिला सूचना एवं जनसम्पर्क पदाधिकारी राकेश कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी 21 वाहिनी सुरेश शर्मा, सहायक कमांडेंट उमेश कुमार गुप्ता, निरीक्षक सामान्य प्रदीप कुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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