Thursday, June 18, 2026
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चंपारण के बेतिया नगर निगम से आइल मेयर गरिमा देवी सिकारिया आज येह राष्ट्रीय मंच से रउरा सभन के परनाम करत बानी!

हरियाणा के गुरुग्राम में आयोजित देशभर से चुनिंदा नगर निकाय प्रतिनिधियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में अपने भोजपुरी संबोधन से चमकी गरिमा देवी सिकारिया,

वर्ष 2047 तक विकसित भारत के वास्तुकार के रूप में महिलाओं की भूमिका और तैयारी के विषय पर रखा विस्तार से विचार,

बेतिया मोहन सिंह।

“हम गरिमा देवी सिकारिया बिहार के चंपारण में बेतिया नगर निगम के मेयर बानी आ आज येह राष्ट्रीय मंच से रउरा देशभर के भाई बहन सभन के परनाम करत बानी!” इन शब्दों के साथ नगर निगम महापौर गरिमा देवी सिकारिया के द्वारा हरियाणा के गुरुग्राम में आयोजित चुनिंदा शहरी निकाय प्रतिनिधियों के राष्ट्रीय कन्वेंशन गुरुवार को अपने संबोधन की शुरुआत की गई। चंपारण की मातृभाषा भोजपुरी में बोलते हुए महापौर श्रीमती सिकारिया ने 21वीं सदी में 2047 तक विकसित भारत के वास्तुकार के रूप में महिलाओं की भूमिका और तैयारी के विषय पर विस्तार से अपना विचार व्यक्त किया। महापौर ने बताया कि हमारे नगर निगम क्षेत्र में गठित स्वयं सहायता समूह से जुड़ी करीब चार हजार महिलाएं मिलकर इतिहास रच रही हैं। महापौर ने बताया कि बीते कुछ ही वर्षों में उन्होंने डोर डू डोर कचरा कलेक्शन, सफाई वाहन चलाने से लेकर अदौरी, पापड़, आलू चिप्स और और कागज व कपड़े का ठोंगा/ थैला बनाने से लेकर स्वच्छता सेनानी के रूप में भी नगर निगम प्रशासन द्वारा संचालित स्वच्छ भारत मिशन के अभियान में बड़ी भागीदारी निभाते हुए आर्थिक आजादी पाने की ओर लगातार बढ़ रहीं हैं। गुरुग्राम सेक्टर 11 के मानेसर स्थित अंतराष्ट्रीय कन्वेशन हॉल में आयोजित सम्मेलन में महापौर श्रीमती सिकारिया बेतिया नगर निगम प्रशासन द्वारा काली धाम कोरिडोर के अतिरिक्त कचरा से बायो प्रोडक्ट के अलावें मल्टी स्टोरीज शॉपिंग मॉल नगर निगम बोर्ड के सहयोग से बनाने के अपनी योजना की भी जानकारी दी। इसके साथ महापौर ने बताया कि दो दिवसीय यह राष्ट्रीय सम्मेलन शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राष्ट्रीय पटल पर उम्दा प्रदर्शन करने वाले महानगर सूरत, पुणे, इंदौर, लखनऊ और
विशाखापट्टनम जैसे आर्थिक धरातल पर स्वायत रूप से स्वावलंबी बने नगर निकायों का रोलमॉडल के रूप में परिचय कराते हुए आर्थिक आजादी पाने और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ईमानदार और समर्पित भाव से योजनाबद्ध रूप में कार्य करने की सिख दी गई है। जिसको मैं नगर निगम बोर्ड की विशेष बैठक में साझा करूंगी।

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