Thursday, June 18, 2026
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लू (हीट वेब) तथा अगलगी की घटनाओं से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाएं रखें सुदृढ़ : जिला पदाधिकारी।

आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी एडवाईजरी का आमजनों के बीच कराएं व्यापक प्रचार-प्रसार।

जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में लू, अग्निकांड सहित अन्य आपदाओं से बचाव के लिए पूर्व तैयारी एवं की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में सभी संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न।

बेतिया(मोहन सिंह)। जिला पदाधिकारी दिनेश कुमार राय की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभाकक्ष में लू, अग्निकांड सहित अन्य आपदाओं से बचाव के लिए पूर्व तैयारी एवं की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में सभी संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न हुयी।

जिलाधिकारी दिनेश कुमार राय ने कहा कि गर्मी के मौसम प्रारंभ होते ही जिले के कई स्थलों पर अप्रिय घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। हीट वेब तथा अगलगी की घटनाओं से निपटने हेतु सभी व्यवस्थाएं सुदृढ़ रखी जाय ताकि त्वरित गति से कार्रवाई करते हुए जान माल की क्षति होने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि अग्निकांड पीड़ितों को तुरंत अनुमान्य सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाय। इस कार्य में तनिक भी लापरवाही एवं शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी से संबंधित घटनाओं के पर्यवेक्षण एवं सहायता कार्य के अनुश्रवण हेतु जिलास्तर पर आपातकालीन संचालन केन्द्र को अविलंब कार्यशील कर दिया जाय। उन्होंने कहा कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियों तथा कर्मियों को सभी आवश्यक संसाधनों के साथ हमेशा अलर्ट मोड में रहना है। अगर कोई फायर ब्रिगेड की गाड़ी खराब है तो तुरंत इसकी मरम्मति करा ली जाय। साथ ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सुदूर इलाकों में समय पर पहुंच सकें, इसके लिए यथा संभव अनुमंडल मुख्यालयों, थानों में गाड़ियों को रखने की व्यवस्था कर ली जाय।

सिविल सर्जन को निदेश दिया गया कि सभी सरकारी अस्पतालों में अग्निकांड लू से पीड़ित व्यक्तियों के समुचित इलाज की सभी व्यवस्थाएं अपडेट रखी जाय। साथ ही आवश्यक दवाईयों सहित डॉक्टर, कर्मी की रोस्टर वाइज उपस्थिति, एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।

प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को निदेश दिया गया कि अपने क्षेत्र में अग्निकांड की रोकथाम एवं लू से बचाव हेतु विभिन्न प्रचार माध्यमों से लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पतालों, सार्वजनिक स्थलों पर लू/अग्निकांड से बचाव हेतु जानकारी को प्रदर्शित किया करें। जिला सूचना एवं जनसम्पर्क पदाधिकारी को इस हेतु आवश्यक कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया गया।

कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी को निर्देश दिया गया कि जिलेवासियों को पेयजल के लिए परेशानी नहीं झेलनी पड़े, इसका विशेष ध्यान रखें। सार्वजनिक जगहों पर डिमांड के अनुरूप चापाकल की व्यवस्था करें। इसके साथ ही नल-जल योजना सुचारू रूप से संचालित हो, इसकी भी नियमित रूप से निगरानी करें।

जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त, नगर निगम तथा जिले के सभी कार्यपालक पदाधिकारी, नगर निकाय को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत सार्वजनिक जगहों पर प्याउं की व्यवस्था करेंगे ताकि राहगीरों को पेयजल उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि कार्यालय आने वाले आमजनों को पेयजल उपलब्ध हो सके।

उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिया कि आपदा की स्थिति से निपटने के लिए कम्युनिकेशन प्लान को अपडेट रखें। कार्यपालक अभियंता, विद्युत को निर्देश दिया गया कि निर्बाध बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करें। साथ ही बिजली तारों की निगरानी भी करें। जर्जर एवं लूज विद्युत तारों को ठीक कराएं।

इसके साथ ही आगजनी से बचाव हेतु अन्य उपायों को व्यापक स्तर पर प्रचारित-प्रसारित करने का निदेश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार द्वारा आगजनी से बचाव हेतु जारी क्या करें-क्या नहीं करें का विभिन्न माध्यमों से प्रचारित-प्रसारित कराया जाय। आगजनी से बचाव हेतु क्या करें-क्या नहीं करें इस प्रकार हैः-

अग्निकांड से बचाव हेतु क्या करेंः-
● स्टोव या लकड़ी, गोइठा आदि के जलावन वाले चूल्हे पर खाना बनाते वक्त सावधानी बरतें। हमेशा सूती वस्त्र पहनकर ही खाना बनायें।
● गेहूं औसानी का काम हमेशा रात में तथा गांव के बाहर खलिहान में जाकर करें।
● घर व खलिहान पर समुचित पानी व बालू की व्यवस्था रखें।
● खाना पकाते समय रसोईघर में व्यस्क मौजूद रहें, बच्चों को अकेला न छोड़ें।
● खिड़की से स्टोव के बर्नर तक हवा न पहुंच पाए, इस बात की पूरी तसल्ली कर लें।
● तैलीय पदार्थ से लगी आग पर पानी न डालें।
● तैलीय पदार्थ से लगी आग पर पानी न डालें या सिर्फ बेकिंग सोडा, नमक डालें या उसे ढंक दें।
● गैस चूल्हे का इस्तेमाल करने के तुरंत बाद सिलिंडर का नॉब तुरंत बंद कर दें।
● बिजली तारों एवं उपकरणों की नियमित जांच करें।
● आग लगने पर दमकल विभाग को फोन करें और उन्हें अपना पूरा पता बतायें फिर दमकल विभाग जैसा कहे वैसा ही करें।

अग्निकांड से बचाव हेतु क्या नहीं करेंः-
● बच्चों को माचिस या आग फैलाने वाले एवं अन्य सामानों के पास न जाने दें।
● बीड़ी, सिगरेट, हुक्का आदि पीकर जहां-तहां न फेंके, उसे पूरी तरह बुझने के बाद ही फेंके।
● चूल्हा, ढिबरी, मोमबती, कपूर आदि जलाकर न छोड़े।
● अनाज के ढ़ेर, फूस या खपड़ैल की झोपड़ी के निकट अलाव व डीजल इंजन नहीं चलाएं।
● सार्वजनिक स्थलों, ट्रेनों एवं बसों आदि में ज्वलनशील पदार्थ न ले जाएं।
● आपके कपड़े में अगर आग लग जाए तो दौड़ना नहीं चाहिए बल्कि जमीन पर लेटकर गोल-गोल कर आग बुझायें।
● खाना बनाने के समय ढ़ीले-ढ़ाले कपड़े न पहनें।
● अग्नि दुर्घटना के दौरान कभी भी लिफ्ट का प्रयोग नहीं करें।
● गैस की दुर्गंध आने पर बिजली के स्वीच को न छुएं।
● खाना पकाते समय रसोईघर में बच्चों को अकेला न छोड़ें।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त उप विकास आयुक्त सुमित कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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