


बेतिया मोहन सिंह।
पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) से सटे नौरंगिया थाना क्षेत्र के मिश्ररौलिया रेता गांव में शुक्रवार सुबह बाघ के हमले में 45 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई। घटना के बाद सीमावर्ती गांवों में दहशत का माहौल है।
मृतका की पहचान नौरंगिया के वार्ड संख्या 13 निवासी उमरावती देवी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, वह खेती-किसानी के सिलसिले में मिश्ररौलिया रेता स्थित घोठा (खेत पर बने अस्थायी ठिकाने) पर रह रही थीं। शुक्रवार सुबह वह धान की फसल की निराई करने खेत गई थीं। इसी दौरान गन्ने के खेत में छिपे बाघ ने उन पर अचानक हमला कर दिया और उन्हें घसीटते हुए गन्ने के खेत में ले गया।
आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों ने शोर मचाते हुए बाघ का पीछा किया, जिसके बाद बाघ महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। हालांकि तब तक महिला की मौत हो चुकी थी।
मदनपुर वन क्षेत्र के रेंजर नसीम अहमद अंसारी ने कहा, “घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और नौरंगिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची तथा महिला के शव को बरामद कर लिया। वन कर्मियों की टीम बाघ की तलाश के लिए ट्रैकिंग अभियान शुरू कर चुकी है। आसपास के गांवों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। किसानों से अपील की गई है कि वे खेतों में समूह में जाएं और पूरी सावधानी बरतें।”
उन्होंने बताया कि बाघ के हमले में मृत महिला के परिजनों को वन विभाग की ओर से नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यह घटना वीटीआर से सटे इलाके में 24 घंटे के भीतर बाघ के हमले की दूसरी घटना है। गुरुवार सुबह वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के बिसाहा गांव स्थित हाथी मलखंता नहर के समीप बकरी चरा रहे 65 वर्षीय अकलू यादव पर भी बाघ ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। हालांकि उस घटना के करीब तीन घंटे बाद संबंधित बाघ का शव घटनास्थल से कुछ दूरी पर झाड़ियों में मिला था।
लगातार हो रही घटनाओं के बाद वन विभाग ने सीमावर्ती गांवों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।


