


पुलिस कर रही है मामले की जांच।
बेतिया मोहन सिंह।
नगर के एक निजी क्लीनिक में कार्यरत नर्स का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान सेखौना मठ निवासी ममता कुमारी के रूप में हुई है। जो परिजनों के अनुसार पिछले करीब छह वर्षों से डॉ. संतोष कुमार सिंह और डॉ. रूबी के क्लीनिक में काम करती थी।
परिजनों ने बताया कि ममता का मोबाइल फोन पिछले दिन से बंद था। काफी प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं होने पर उसकी बहन क्लीनिक पहुंची और डॉक्टर व वहां मौजूद स्टाफ से ममता के बारे में पूछताछ की, लेकिन किसी ने कुछ भी नहीं बताया। आरोप है कि किसी ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद जब वह खोजते हुए क्लीनिक की तीसरी मंजिल पर पहुंची तो एक कमरे में बेड के नीचे कोने में ममता का शव मिला। परिजनों का आरोप है कि शव को कई गद्दों से ढंककर रखा गया था, ताकि किसी को इसकी भनक तक न लग सके।
शव मिलने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सभी स्टाफ भाग खड़े हुए। सूचना पर पहले डायल-112 की पुलिस पहुंची। बाद में नगर थाना पुलिस और फिर डीएसपी भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और क्लीनिक में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी। साथ ही मौके पर पहुंची एफ एस एल टीम मैं भी जांच पड़ताल शुरू कर दिया। यह खेल 3 घंटे तक चला रहा। फिर पुलिस में शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतका के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ममता की गला दबाकर हत्या की गई है और शव को छिपा दिया गया था। ताकि रात के समय उसे ठिकाने लगाया जा सके। उनका कहना है कि शव की स्थिति देखकर हत्या की आशंका मजबूत होती है। प्रथम दृष्टया मृतका के गले पर गला घोंटने का निशान पाया गया है। घटना स्थल पर पहुंची भीड़ मृतका के साथ अनहोनी की आशंका भी जाता रहे थे। जो गंभीर एक जांच का विषय है।
वहीं, डॉ. संतोष कुमार सिंह ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि ममता उनके क्लीनिक में स्टाफ के रूप में कार्य करती थी और परिवार के सदस्य जैसी थी। उनके अनुसार जब वह क्लीनिक में नहीं दिखी तो उसकी तलाश की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। बाद में परिजनों के साथ खोजबीन के दौरान तीसरी मंजिल पर उसका शव मिला। उन्होंने कहा कि मौत कैसे हुई, यह जांच का विषय है और पुलिस की जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
सबसे बड़ा सवाल
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस क्लीनिक में डॉक्टर और अन्य स्टाफ मौजूद थे, वहां एक कर्मचारी की मौत हो जाती है और किसी को इसकी जानकारी नहीं होती। दूसरी ओर, करीब 15 किलोमीटर दूर से पहुंचे परिजन शव तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में पूरा मामला संदेह के घेरे में है।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ममता कुमारी की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी की आपराधिक भूमिका है या नहीं।


