


जिले के 4.24 लाख लाभुकों के बीच 46.6 करोड़ रूपये का अंतरित हुआ
बेतिया मोहन सिंह।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने आज 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अन्तर्गत 1 करोड़ 12 लाख से अधिक पेंशनधारियों के खाते में 1247.34 करोड़ रुपये की राशि डी.बी.टी. के माध्यम से हस्तांतरित किया। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थियों को जुलाई माह की 1100 रुपये की पेंशन राशि उनके खाते में अंतरित की गई है।
मुख्यमंत्री, बिहार द्वारा डी0बी0टी0 के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के राशि का अंतरण के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के 4.24 लाख लाभुकों के बीच 46.6 करोड़ रूपये का अंतरण हुआ।
24 जून को मंत्री परिषद द्वारा लिये गये निर्णय के आलोक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि को 400 रूपये से बढ़ाकर 1100 रूपया किया गया, जिससे समाज के जरूरतमंद लोगों के बीच काफी राहत मिली है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण के लिए जिले के सभी पंचायतों, प्रखण्ड मुख्यालय, तीनों जिला बुनियाद केन्द्र एवं जिला स्तर पर मुख्य कार्यक्रम का आयोजन समाहरणालय स्थित सभागार में किया गया, जिसमें कुमार रविन्द्र अपर समाहर्ता , श्री अनिल कुमार सिन्हा अपर समाहर्ता, लोक शिकायत, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आई0सी0डी0एस0, प्रभारी सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा एवं सहायक निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तिकरण सहित श्री विनय बिहारी माननीय विधायक भी उपस्थित रहे।
लाभुकों को संबोधित करते हुए माननीय विधायक श्री विनय बिहारी ने कहा कि आपलोगों की माँग एवं आम जनता की आवश्यकता को देखते हुए बिहार सरकार द्वारा पेंशन योजना की राशि को बढ़ाने का निर्णय लिया गया। सरकार सभी पात्र लाभुकों को योजना का लाभ देने के लिए प्रयत्नशील है। आमजन को पेंशन संबंधी किसी भी शिकायत अथवा जानकारी के लिए सरकार द्वारा टोल फ्री नम्बर 18003456262 जारी किया गया है।
प्रभारी सहायक निदेशक श्रीमती नगमा तबस्सुम ने बताया कि लोगों में सरकार के निर्णय को लेकर काफी खुशी है, माननीय मुख्यमंत्री जी के लाईव प्रोग्राम को देखने के लिए जिले के दुर दराज के क्षेत्रों से लेकर प्रखण्ड एवं जिला मुख्यालय में काफी उत्साह माहौल रहा।
समाभागार में उपस्थित लाभुकों में से जोखु मियॉ, सुरेश महतो आदि ने कहा कि पेंशन की राशि बढने से हमारे मान सम्मान में वृद्धि हुई है, जहॉ हमारी फिक्र करने वाला कोई नहीं था, वहॉ अब हम अपने आप को स्वावलम्ब महसुस कर रहे है, हमलोगों को अब जीने का आधार मिल गया है।


