
बलिया । राशनकार्डों का सत्यापन करने के लिए सभी सदस्यों की ई केवाईसी की जिम्मेदारी कोटेदारों को सौंपी गई है। यह काम बिना किसी शुल्क के किया जाना है, लेकिन सोशल मीडिया फेसबुक पर मुरली छपरा ब्लाक अंतर्गत इब्राहिमाबाद ऊपरवार के कोटेदार पर ई केवाईसी करने के लिए प्रति कार्ड धारक से 400,400 रुपये तक वसूल का आरोप लग रहा है
जून 2024 के पहले सप्ताह से ही कोटेदारों की ओर से ई केवाईसी की जा रही है। राशनकार्ड की ई केवाईसी से सरकार को सुचारु रूप से खाद्यान्न वितरण करने और पात्र व्यक्तियों की पहचान होगी। तमाम अपात्र लोग भी राशनकार्ड खाद्यान्न योजना का लाभ उठा रहे हैं। ई केवाईसी के बाद उनका नाम काटा जा सकेगा। साथ ही सरकार के पास राशन कार्ड धारक के परिवार की संख्या का सही विवरण उपलब्ध होगा। कोटेदारों को ई पॉस मशीनों से लाभार्थियों का अंगूठा लगाकर ई केवाईसी करना है। शुल्क लेने पर कोटेदारों और लाभार्थियों के बीच आए दिन कहासुनी हो रही है। लोगों का कहना है कि सरकार की ओर से शुल्क लेने का कोई आदेश नहीं है। इसके बाद भी कोटेदार वसूली कर रहे हैं। पूर्ति निरीक्षक मुरली छपरा संजीव कुमार सिंह ने बताया कि अभी नेटवर्क के प्रॉब्लम से लगभग 10 दिन से ई केवाईसी नहीं हो रहा है जो कोटेदार ई केवाईसी के नाम पर रुपये मांग रहे हैं, जांच कराकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


