

मार्किंग प्वाइंट से ढाई से तीन फीट अलग नाले का निर्माण रोक के बावजूद जारी रहने पर मेयर ने लिया संज्ञान,
बुडको के कनीय अभियंता सह साइट इंचार्ज पप्पू कुमार के ठेकेदार के सामने बेबस होने की स्वीकारोक्ति की महापौर द्वारा दी गयी जानकारी,
बेतिया मोहन सिंह।
महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने कहा कि 63 करोड़ लागत से स्वीकृत नगर निगम क्षेत्र की स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम के नाला निर्माण में संवेदक द्वारा बड़े पैमाने पर बरती जा रही धांधली को रोक पाने में बुडको प्रशासन उदासीनता उजागर हो गई है। इसका सबसे ज्वलंत प्रमाण नगर निगम प्रशासन के स्तर से पैमाईश के बाद नाला निर्माण कार्य के लिए ग्राउंड मार्किंग के बावजूद उससे ढाई से तीन फीट सड़क की सरकारी जमीन छोड़ कर नाले का निर्माण कराया जा रहा है। महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया संबंधित रोक के अंतिम छोर निर्माण के लिए मार्किंग कर दिए जाने के उक्त निर्माण कार्य में धांधली और मनमानी महीनों से जारी है। वही बुडको के जेई और साइट इंचार्ज पप्पू कुमार के हवाले से महापौर ने बताया कि दो से तीन माह में ही बुडको अर्थात बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के पीडी अर्थात प्रोजेक्ट डायरेक्टर के बदलते रहने से जिला स्तर पर संवेदकों की मनमानी रुक नहीं पा रही है। महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में सीवरेज निर्माण की एजेंसी शहरी विकास एवं आवास विभाग द्वारा बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड घोषित किए को लेकर उन्होंने दोषी लोगों कार्रवाई के लिए और इस घटनाक्रम और अरबों की इस महत्वपूर्ण योजना में बुडको के कनीय अभियंता सह साइट इंचार्ज पप्पू कुमार के ठेकेदार के सामने बेबस होने की स्वीकारोक्ति की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जा रही है। महापौर ने बताया कि स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम के नाला निर्माण में
सही निर्माण कार्य के लिए बुडको के परियोजना निदेशक को निर्देश देने और जिला प्रशासन स्तर से इस मनमानी को लेकर सख्ती के लिए विभाग को भी जानकारी दी जा रही है। महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि जमादार टोला मध्य विद्यालय के सामने से एक 70 से 72 फीड चौड़ी सड़क सीधे एनएच 727 में मिलती है। महापौर ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र की यह सबसे चौड़ी सड़क फिलहाल मृतप्राय है। लेकिन मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना से नाला सहित डबल लेन निर्माण स्वीकृत है। महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि फिलहाल इस मृतप्राय रोड में भी मार्किंग प्वाइंट के दो से तीन फीट अंदर संवेदक द्वारा नाले का निर्माण कराए जाने तथा पूरे सघन शहरी क्षेत्र में ऐसी ही धांधली पर कारगर कार्रवाई के लिए उन्होंने उच्च अधिकारियों से मदद मांगी है। इससे भी खराब है, कलेक्ट्रेट चौक से स्टेशन चौक के मुख्य नाले पर कार्य कर रहे स्ट्रांम वॉटर ड्रेनेज निर्माण के संवेदक द्वारा नगर निगम की मार्किंग के बावजूद 4 फीट से ज्यादा सरकारी भूमि छोड़कर नाला निर्माण कर दिया गया है। आज के समय में सबसे चालू और महत्वपूर्ण सड़क स्टेशन चौक से कलेक्ट्रीएट चौक की सड़क को संकीर्ण कर दिया गया है और लगातार चेतावनी के बावजूद भी गलत निर्माण कराया जा रहा है, जिससे भविष्य में जाम की समस्या बढ़ती जाएगी।


