
बेतिया मोहन सिंह।
उप विकास आयुक्त द्वारा जल संसाधन विभाग की योजनाओं की समीक्षा डीआरडीए सभागार में की गई, जिसमें निदेशक, राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता मनरेगा ,नोडल पदाधिकारी सह कार्यपालक अभियंता तिरहुत नहर प्रमंडल बेतिया , जल संसाधन विभाग के सभी कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता एवं सभी कार्यक्रम पदाधिकारी उपस्थित थे।
उप विकास आयुक्त द्वारा सभी कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग को निर्देश दिया गया कि अपने विभाग से संबंधित सभी योजनाओं को ससमय प्रारंभ एवं पूर्ण करना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि जिस प्रखंड में आपके विभाग से संबंधित योजनाएं हैं वहां सहायक अभियंता या कनीय अभियंता को प्रतिनियुक्त करते हुए योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित कराएंगे ।सभी कार्यक्रम पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि जल संसाधन विभाग की योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर किया जाना है।जल संसाधन विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए उनकी मांग के अनुसार योजनाओं पर मजदूर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही साथ मजदूरी भुगतान हेतु कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
निदेशक, राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम द्वारा सभी कार्यक्रम पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता या कनीय अभियंता के सहयोग से योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर एवं मानक के अनुसार करना सुनिश्चित करेंगे, क्योंकि जल संसाधन विभाग की योजनाएं काफी जनोपयोगी एवं जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं गन्ना विकास से जुड़ी हुई है। अतः इन सभी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर किया जाना सुनिश्चित किया जाए। सभी कार्यक्रम पदाधिकारी एवं जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि एक सप्ताह में कम से कम 300 योजनाओं पर कार्य प्रारंभ हो जाना चाहिए।
विदित हो कि पश्चिम चंपारण में जल संसाधन विभाग द्वारा कुल 1056 योजनाएं चिन्हित की गई है जिनमें 753 योजनाओं की तकनीकी स्वीकृति जल संसाधन विभाग द्वारा दिया गया है जिस पर प्रशासनिक स्वीकृति उप विकास आयुक्त महोदय द्वारा दी गई है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन होने से पश्चिम चंपारण में जहां एक ओर हर खेत तक सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने की दिशा में कारगर कदम होगा, वहीं गन्ना क्षेत्र में जल जमाव की समस्या का निस्तारण भी सुनिश्चित हो पाएगा। अतः इन सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं का क्रियान्वयन मनरेगा एवं जल संसाधन विभाग के कन्वर्जन से पूरा किया जाएगा।


