Wednesday, June 24, 2026
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शराबबंदी के बाद से नशामुक्त बिहार अभियान की मजबूत आधारशिला बनीं जीविका दीदियाँ।

17 से 26 जून तक ‘नशा मुक्त सप्ताह’ के दौरान प्रभात फेरी, रैली, नुक्कड़ नाटक एवं शपथ कार्यक्रमों से गांव-गांव पहुंचाया जागरूकता का संदेश।

अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस पर जीविका का व्यापक जनजागरण अभियान।

बेतिया मोहन सिंह।

बिहार सरकार की पूर्ण शराबबंदी नीति को जन-आंदोलन का स्वरूप देने और “नशामुक्त बिहार” के संकल्प को साकार करने में जीविका दीदियाँ लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर पश्चिम चंपारण में 17 जून से 26 जून तक “नशा मुक्त सप्ताह” का व्यापक आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के सभी 18 प्रखंडों में जीविका के सामुदायिक संगठकों एवं स्वयं सहायता समूहों की हजारों दीदियों ने गांव-गांव जाकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।

जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक आर. के निखिल ने बताया की इस अभियान के अंतर्गत प्रभात फेरियां, जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ नाटक, शपथ ग्रहण, समूह बैठकें, ग्राम संवाद तथा जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं, युवाओं एवं ग्रामीण परिवारों को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले सामाजिक, आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सामुदायिक सहभागिता का संदेश दिया गया।

जीविका दीदियों ने लोगों को यह संकल्प दिलाया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे, अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे तथा अवैध मादक पदार्थों के सेवन एवं तस्करी के विरुद्ध प्रशासन का सहयोग करेंगे।

उल्लेखनीय है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बाद से जीविका दीदियाँ राज्य सरकार के नशामुक्ति अभियान की अग्रिम पंक्ति की सहयोगी रही हैं। स्वयं सहायता समूहों के सशक्त नेटवर्क के माध्यम से वे वर्षों से ग्रामीण समाज में नशे के विरुद्ध जनजागरूकता फैलाने, महिलाओं को सशक्त बनाने, पारिवारिक सौहार्द बढ़ाने तथा सामाजिक परिवर्तन को गति देने का कार्य निरंतर कर रही हैं।

जिला प्रशासन का मानना है कि नशामुक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है और जीविका दीदियों की सक्रिय सहभागिता इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। प्रशासन एवं जीविका के संयुक्त प्रयासों से पश्चिम चंपारण में नशामुक्ति का यह जनआंदोलन लगातार मजबूत हो रहा है और समाज में सकारात्मक बदलाव का आधार बन रहा है।

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