
मझौलिया से बब्लु कुमार पटेल की रिपोर्ट
मझौलिया प्रखंड अंतर्गत माधोपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर में 5 दिसंबर 2025 को विश्व मृदा दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं केंद्र के प्रमुख डॉ. ए. पी. सिंह के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों—डॉ. हर्षा बी. आर. (फसल उत्पादन), डॉ. चेल्पुरी रामुलू (कृषि अभियांत्रिकी), डॉ. सौरभ दुबे (पादप संरक्षण) और डॉ. जग पाल (मत्स्य विज्ञान)—ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी वैज्ञानिकों और केंद्र के कर्मचारियों ने मिलकर किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक किया।इस कार्यक्रम में 60 से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया और मृदा से संबंधित तकनीकी जानकारी प्राप्त की। विशेषज्ञों ने मृदा की उर्वरता बढ़ाने, मृदा परीक्षण की आवश्यकता, संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक पदार्थों के महत्व और फसल उत्पादन में मृदा स्वास्थ्य की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
किसानों को बताया गया कि नियमित मृदा परीक्षण से फसल उत्पादन में वृद्धि होती है तथा गलत उर्वरक उपयोग से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक पद्धतियों से कृषि करने के प्रति प्रेरित करना और भूमि की गुणवत्ता बनाए रखने के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और उपस्थित किसानों ने इसे अत्यंत लाभकारी बताया।


