Tuesday, June 23, 2026
Homeबेतियापरवरिश योजना से मासूमों के चेहरे पर लौटेगी मुस्कान : जिला पदाधिकारी।

परवरिश योजना से मासूमों के चेहरे पर लौटेगी मुस्कान : जिला पदाधिकारी।

परवरिश योजना से एक भी बच्चा वंचित नहीं रहे।

आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित व औचक जाँच का आदेश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई।

सीडब्ल्यूजेसी/एमजेसी मामलों में लापरवाही पर सख्त रुख, दो पदाधिकारियों के वेतन पर रोक।

प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र लाभुकों को समय पर सभी किश्तों का भुगतान सुनिश्चित कराने का निर्देश।

धान अधिप्राप्ति की समीक्षा में सभी चयनित पैक्स एवं व्यापार मंडल को पूर्णतः सक्रिय रखने का निर्देश।

बेतिया मोहन सिंह।

जिला पदाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार ने कहा कि परवरिश योजना सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील योजना है, जिसका उद्देश्य माता-पिता विहिन बच्चों को सुरक्षा, पोषण और देखभाल प्रदान करना है। परवरिश योजना केवल लाभ वितरण नहीं, बल्कि नाजुक बचपन को सहारा देने की पहल है। हम सबका कर्तव्य है कि हर बच्चा सुरक्षित, पोषित और सम्मान के साथ आगे बढ़ सके। इस योजना से बच्चों का समग्र कल्याण सुनिश्चित होता है और यह उनके बेहतर भविष्य को गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन की यह ज़िम्मेदारी है कि जिले में रहने वाला एक भी पात्र बच्चा परवरिश योजना से वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि परवरिश योजना बच्चों की जिंदगी से सीधे जुड़ी हुई योजना है, इसलिए इसमें तत्परता, गंभीरता और मानवीय दृष्टिकोण अनिवार्य है।

उन्होंने डीपीओ, आईसीडीएस को निर्देश दिया कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को कम-से-कम एक-एक आर्हक बच्चें को आच्छादित करने हेतु आवेदन प्राप्त करने लक्ष्य दिया जाए, ताकि जरूरतमंद बच्चों का आच्छादन तेजी से हो सके। साथ ही उन्होंने कहा कि इस पूरे कार्य की महिला पर्यवेक्षिका स्तर पर समीक्षा की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। जिला पदाधिकारी आज समाहरणालय सभागार में आयोजित सोमवारीय बैठक में निर्देशित कर रहे थे।

उन्होंने जिले में आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और लाभार्थियों को समय पर सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित जाँच सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने विगत 90 दिनों में किए गए जांच एव जांच के फलाफल के आधार पर कृत कार्रवाई से संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

उन्होंने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, आईसीडीएसको निर्देश दिया कि केंद्रों के संचालन, पोषाहार वितरण, टीएचआर उपलब्धता, रजिस्टर संधारण, बच्चों की उपस्थिति, प्री-स्कूल गतिविधियाँ और भवन की स्वच्छता, इन सभी बिंदुओं की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण और उनकी प्रारंभिक शिक्षा का आधार हैं, इसलिए इनके संचालन में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि जिले में आंगनबाड़ी सेवाओं की पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय टीम द्वारा औचक निरीक्षण किए जाएंगे। टीम बिना पूर्व सूचना दिए विभिन्न प्रखंडों के आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा करेगी और वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी। निरीक्षण में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित सेविका, सहायिका या पर्यवेक्षिका पर कार्रवाई की जाएगी।

सीडब्ल्यूजेसी/एमजेसी मामलों की समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने कहा कि सीडब्ल्यूजेसी/एमजेसी मामले को सभी संबंधित पदाधिकारी अत्यंत ही गंभीरत से लें। इसकी सूचना निरंत पोस्ट की जाती है। माननीय न्यायालय में लंबित मामलों पर किसी भी स्थिति में विलंब स्वीकार्य नहीं है, इसलिए सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि न्यायालय के आदेशों का पालन समय सीमा के भीतर हो और मामलों की प्रगति नियमित रूप से अपडेट की जाए।

उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय स्तर पर लंबित सीडब्ल्यूजेसी/एमजेसी मामलों की समीक्षा करें तथा जहां भी दस्तावेज, प्रतिवेदन या रिपोर्ट लंबित हैं, उन्हें तत्काल पूर्ण किया जाए। इस मामले में लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदार पदाधिकारी पर कार्रवाई तय होगी।

इस मामले में लापरवाही को लेकर जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम एवं जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी का वेतन स्थगित रखने का निर्देश जिला पदाधिकारी द्वारा दिया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों को ससमय सभी किश्तों का भुगतान कराना सुनिश्चित करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही, कोताही नहीं बरती जाय, अन्यथा कार्रवाई किया जायेगा। प्रथम किस्त से लेकर अंतिम किस्त तक की राशि के भुगतान में बिचौलिए की भूमिका पर विशेष निगरानी रखी जाए।

धान अधिप्राप्ति की समीक्षा के दौरान उन्होंने जिला सहकारिता पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी मिलों का भौतिक सत्यापन एक सप्ताह के अंदर कराते हुए चयनित पैक्स/व्यापार मंडल को टैग करें। धान अधिप्राप्ति के लिए जितने भी समितियां चयनित हैं, सभी को इस गुरूवार तक सक्रिय करावें। बीसीओ को निर्देश दें कि चयनित शत-प्रतिशत समितियां पूर्ण रूप से क्रियाशील रहें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जायेगी।

इसके साथ ही सोमवारीय बैठक में रेवेन्यू, जिला स्थापना शाखा, जिला सामान्य शाखा, आपूर्ति, विभागीय जांच, नीलाम पत्र वाद, कोषागार, भविष्य निधि, शिक्षा, स्वास्थ्य, सांख्यिकी, कृषि, मद्य निषेध, कल्याण, अल्पसंख्यक, श्रम, जीविका, उद्योग, एसएफसी आदि के कार्य प्रगति की समीक्षा जिला पदाधिकारी द्वारा की गयी।

इस अवसर पर अपर समाहर्ता, राजीव रंजन सिन्हा, अपर समाहर्ता, विभागीय जांच, कुमार रविन्द्र, अनुमंडल पदाधिकारी, बेतिया सदर, विकास कुमार सहित सभी जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments

Would you like to receive notifications on latest updates? No Yes