Thursday, April 16, 2026
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प्रेम, भाईचारा व सामाजिक न्याय आधारित समाज चाहते थे संत कबीर:गरिमा

नगर निगम के बरवत प्रसराईन स्थित संत कबीर मठ में महापौर ने अन्य संतों के साथ किया महात्मा कबीर की प्रतिमा का अनावरण,

जाति और धर्म के आधार पर बंटे आज के सामाजिक परिवेश में महात्मा कबीर को महापौर ने बताया और ज्यादा प्रासंगिक,

कबीरपंथी समाज के महिला पुरुषों ने अंगवस्त्र, फूल माला भेंट कर महापौर का किया स्वागत,

बेतिया मोहन सिंह।

नगर निगम क्षेत्र के बरवत प्रसराईन स्थित संत कबीर मठ में संत कबीर जयंती महोत्सव का आयोजन शनिवार को किया गया। समारोह के संयोजक कन्हैया लाल बौद्ध के नेतृत्व में दर्जनों कबीरपंथी महिला पुरुषों ने महापौर के साथ आमंत्रित अन्य संतों का अंगवस्त्र और फूल माला पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद मठ में महात्मा कबीर की नवस्थापित प्रतिमा का महापौर गरिमा देवी सिकारिया अन्य आमंत्रित संत गण के साथ समारोह पूर्वक अनावरण किया। इसके बाद प्रतिमा की पूजा आरती करते हुए महापौर ने कहा कि आज के विषमतावादी और जाति, पंथ व धर्म के आधार पर बंटे सामाजिक परिवेश में महात्मा संत कबीर की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है। महापौर ने कहा कि हमें खुशी है कि हमारे नगर निगम के हमारे सैकड़ों भाई बहनों के मन में संत कबीर जी के प्रति गहरी आस्था है। उन्होंने बताया कि महात्मा कबीर वैचारिक रूप से जाति, धर्म और आडंबरों के खिलाफ थे। उन्होंने ऐसा समाज बनाने का सपना देखा था जो प्रेम, भाईचारा और सामाजिक न्याय पर आधारित हो। इससे पूर्व समारोह के संचालक संत अजय देव ने बताया कि जारी भजन कीर्तन के बाद भंडारा का आयोजन किया जाएगा। उसके बाद देर रात तक समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण, गोरखपुर आदि के विभिन्न कबीरपंथी मठों से पधारे संत राम प्रसाद, गुरु अजय देव आचार्य, त्रिपुरारी साहब, महंत नरसिंह स्वामी आदि आमंत्रित संत गण का प्रवचन उपदेश का कार्यक्रम होगा।

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