बेतिया/ पश्चिमी चंपारण( मोहन सिंह)।
भारत सरकार का दिया गया स्लोगन बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बिहार मैं पूरी तरह से कलंकित हुआ है इस बात से कदापि इनकार नहीं किया जा सकता। अब सवाल उठता है अब कैसे बचेगी बेटी और कैसे बढ़ेगी पड़ेगी बेटी? इस प्रश्न का उत्तर हमारे प्रधानमंत्री को देना ही होगा। क्योंकि बिहार में कोई भी इसका उत्तर नहीं देने वाला नजर नहीं आता। बिहार की जनता इसका उत्तर चाहती है। पटना के हॉस्टल में नीट की छात्रा के साथ हुई दर्दनाक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। आमजन बेटियों को बाहर भेज कर पढ़ने के मामले में पूरी तरह से भयभीत एवं ससंकीत दिखाई दे रहे हैं।


