Wednesday, July 29, 2026
Homeबेतियाशिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ भाकपा का उग्र प्रदर्शन, पुतला दहन...

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ भाकपा का उग्र प्रदर्शन, पुतला दहन कर इस्तीफे की बुलंद मांग

बेतिया में भाकपा का शक्ति प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका, केंद्र सरकार पर तीखा हमला

छात्र-युवा आंदोलन के समर्थन में सड़क पर उतरी भाकपा, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठी जोरदार मांग

लोकतंत्र बचाओ, शिक्षा बचाओ के नारों से गूंजा बेतिया, भाकपा ने फूंका धर्मेंद्र प्रधान का पुतला

लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमले का आरोप, भाकपा ने धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ खोला मोर्चा

केंद्र सरकार के विरोध में भाकपा का हल्ला बोल, शिक्षा मंत्री का पुतला दहन कर जताया आक्रोश

तानाशाही के आरोपों के बीच भाकपा का बड़ा प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज

छात्र-नौजवानों के समर्थन में भाकपा की हुंकार, ईमली चौक पर फूंका शिक्षा मंत्री का पुतला

पुतला दहन से गरमाई सियासत, भाकपा ने केंद्र सरकार को घेरा, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर भड़की भाकपा, पश्चिम चंपारण में जोरदार प्रदर्शन, पुतला दहन कर केंद्र सरकार पर तानाशाही का लगाया आरोप
बेतिया मोहन सिंह।
पश्चिम चंपारण में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) जिला परिषद के बैनर तले सोमवार को केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया गया। पार्टी कार्यालय से सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने रैली निकालते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से मार्च किया और ईमली चौक पहुंचकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए छात्र-नौजवानों के देशव्यापी आंदोलन के समर्थन में बुलंद आवाज उठाई।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाकपा नेताओं ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार संकट में धकेली जा रही है और छात्रों तथा युवाओं की जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम कर रही है। वक्ताओं का कहना था कि आज देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर लगातार हमले हो रहे हैं, असहमति की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है और जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित किया जा रहा है। भाकपा नेताओं ने आरोप लगाया कि यह सब देश में तानाशाही व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में उठाए जा रहे कदम हैं, जिसका उनकी पार्टी पुरजोर विरोध करती है।

नेताओं ने कहा कि छात्र, युवा, किसान, मजदूर और आम नागरिक अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय विरोध की आवाज को दबाने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि होती है और किसी भी सरकार को संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप कार्य करना चाहिए। यदि सरकार जनता की आवाज को दबाने का प्रयास करेगी तो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सड़क से सदन तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष को और तेज करेगी।

भाकपा नेताओं ने कहा कि देश के छात्रों और नौजवानों का आंदोलन केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा का आंदोलन भी है। पार्टी ने घोषणा की कि वह हर स्तर पर छात्र-युवा आंदोलनों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अपना संघर्ष लगातार जारी रखेगी।

कार्यक्रम का नेतृत्व भाकपा जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति, राधामोहन यादव, युवा नेता इदू, ओम प्रकाश, चन्द्रिका प्रसाद, बाबूलाल चौरसिया, अशोक मिश्र, केदार चौधरी, समर दत्ता, गायत्री देवी, आरती, कैलाश प्रसाद, मोहन यादव, अंजारुल, बब्लू दूबे सहित अनेक नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने किया। बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और लोकतंत्र, संविधान तथा जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments

Would you like to receive notifications on latest updates? No Yes