Thursday, April 16, 2026
Homeबेतियाबेतिया राज की जमीन पर बसे सभी गरीब परिवारों को मिले कानूनी...

बेतिया राज की जमीन पर बसे सभी गरीब परिवारों को मिले कानूनी अधिकार — भाकपा माले / बेतिया राज भूमि अधिकार संघर्ष मोर्चा

1986 की सीमा को खत्म किया जाए।- फरहान राजा

2024 में कानून बनने से पहले से बसे सभी गरीब परिवारों को कानूनी अधिकार दिया जाए।- वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता

किसी भी गरीब परिवार को उजाड़ने या बुलडोजर चलाने की कार्रवाई तुरंत रोकी जाए।- संजय यादव

बेतिया मोहन सिंह।
भाकपा माले और बेतिया राज भूमि अधिकार संघर्ष मोर्चा ने संयुक्त रूप से विज्ञप्ति जारी कर भाकपा माले केन्द्रीय कमिटी सदस्य सह सिकटा पूर्व विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा है कि
बेतिया राज की जमीन पर दशकों से बसे हजारों गरीब परिवारों के भविष्य पर मंडरा रहे खतरे को लेकर बेतिया राज भूमि अधिकार संघर्ष मोर्चा और भाकपा माले ने कड़ी चिंता व्यक्त की है। आगे कहा है कि बिहार सरकार द्वारा 2024 में पारित विधेयक के तहत बेतिया राज की जमीन को सरकार में निहित कर लिया गया है, लेकिन अब जो नियमावली बनाई जा रही है वह गरीबों के साथ गंभीर अन्याय है। जारी बयान में कहा कि सरकार की प्रस्तावित नियमावली के अनुसार 1986 से पहले से बसे लोगों को ही साक्ष्य देने पर रहने का अधिकार दिया जाएगा, जबकि 1986 के बाद बसे गरीब परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाने की बात कही जा रही है। यह फैसला हजारों गरीब परिवारों को बेघर करने वाला और पूरी तरह अमानवीय है।
भाकपा माले और बेतिया राज भूमि अधिकार संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष संजय यादव ने याद दिलाया कि जब यह कानून बन रहा था तब भी दोनों संगठनों ने स्पष्ट रूप से कहा था कि बेतिया राज की जमीन पर वर्षों से बसे सभी गरीब परिवारों को कानूनी अधिकार दिया जाए। सरकार ने 2024 में कानून बनाया है, इसलिए कानून बनने से पहले से जो भी गरीब परिवार वहां बसे हुए हैं, सभी को भूमि का वैध अधिकार मिलना चाहिए।
इंकलाबी नौजवान सभा जिला अध्यक्ष फरहान राजा ने कहा कि गरीबों ने अपनी मेहनत से वहां घर बनाए, वर्षों से रह रहे हैं और पूरी बस्तियां बस गई हैं। अब 1986 की मनमानी सीमा तय कर लोगों को उजाड़ने की नीति किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है। सरकार को चाहिए कि बुलडोजर की नीति छोड़कर मानवीय और न्यायपूर्ण फैसला ले। मोर्चा और भाकपा माले ने मांग की है कि बेतिया राज की जमीन पर 2024 में कानून बनने तक बसे सभी गरीब परिवारों को कानूनी अधिकार दिया जाए।1986 की सीमा को खत्म किया जाए।
किसी भी गरीब परिवार को उजाड़ने या बुलडोजर चलाने की कार्रवाई तुरंत रोकी जाए।
संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने गरीबों के अधिकारों की अनदेखी की और जबरन उजाड़ने की कोशिश की, तो व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments

Would you like to receive notifications on latest updates? No Yes