Monday, May 4, 2026
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आशा चयन में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी होने पर सीधे एफआइआर दर्ज करने की कार्रवाई की जायेगी : जिला पदाधिकारी।

गड़बड़ी करने वाले जनप्रतिनिधि हो अथवा सरकारी कर्मी किसी को भी बख्शा नहीं जायेगी, सख्त कार्रवाई निश्चित है।

आशा चयन की प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध होनी चाहिए।

आशा चयन प्रक्रिया को लेकर जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न।

चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के दिए गए निर्देश।

बेतिया मोहन सिंह।

जिला पदाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में आज कार्यालय प्रकोष्ठ में आशा के चयन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में चयन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इस बैठक में चयनकर्ता, सहयोग हेतु समन्वयक, आम सभा स्थल/चयन स्थल, आम सभा की तिथि और समय, चयन की सूचना, प्रचार प्रसार, आम सभा में सम्मिलित होने वाले व्यक्ति, कोरम, चयन प्रक्रिया, प्रमाण पत्रों का सत्यापन, बैठक की कार्यवाही, चयन पत्र निर्गत करना, आशा चयन हेतु अर्हता आदि बिन्दुओं को लेकर जिला पदाधिकारी द्वारा विस्तृत निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आशा चयन की प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध होनी चाहिए। उन्होंने चयनकर्ताओं, समन्वयकों तथा अन्य संबंधित कर्मियों को उनके कर्तव्यों एवं दायित्वों की विस्तार से जानकारी दी।

जिला पदाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि चयन प्रक्रिया के हर चरण की वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी कर आवश्यक रिकॉर्ड संधारित किया जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की शिकायत या विवाद की स्थिति न उत्पन्न हो।

उन्होंने यह भी कहा कि आशा स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं और उनका चयन गुणवत्ता के साथ होना अत्यंत आवश्यक है। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि चयन प्रक्रिया को विभागीय गाइडलाइन के अनुरूप और ग्रामीण समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए संपन्न कराया जाए।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि आशा चयन में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी होने पर सीधे एफआइआर दर्ज करते हुए अग्रतर कार्रवाई की जायेगी। गड़बड़ी करने वाले जनप्रतिनिधि हो अथवा सरकारी कर्मी किसी को भी बख्शा नहीं जायेगी, सख्त कार्रवाई निश्चित है।

जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि एमओआइसी, बीडीओ, बीपीआरओ सहित अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर लें। बैठक में डेट, टाइम, पैलेस का चयन कर लें। विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर सिविल सर्जन को उपलब्ध कराएं। सिविल सर्जन अपने स्तर से आशा चयन हेतु विस्तृत ऑर्डर निकालेंगे। इसी शिड्यूल के अनुरूप जिले में आशा का चयन करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने निर्देश दिया कि आशा का चयन आम सभा की बैठक में ग्राम पंचायत द्वारा किया जाना है। आम सभा की अध्यक्षता मुखिया करेंगे। मुखिया की अनुपस्थिति में उप मुखिया अध्यक्षता करेंगे। आम सभा के संयोजक प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी होंगे। आमसभा की तिथि एवं समय का 10 दिनों तक लगातार प्रचार प्रसार करना है। आम सभा में चयनित आशा की सूची एमओआइसी द्वारा सिविल सर्जन को पत्र के माध्यम से भेजी जायेगी। चयनित आशा को सिविल सर्जन के अनुमोदनोपरांत संबंधित एमओआइसी द्वारा चयन पत्र निर्गत किया जायेगा।

उन्होंने निर्देश दिया कि चयन के 60 दिनों के अंदर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा प्रमाण पत्र का सत्यापन कराया जायेगा। यदि जांच के दौरान चयनित आशा द्वारा समर्पित प्रमाण पत्र फर्जी या गलत पाये जाते हैं तो इसकी सूचना साक्ष्य के साथ सिविल सर्जन को दिया जायेगा, जिनके द्वारा चयनमुक्त करते हुए विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी। चयन के 30 दिनों के बाद प्राप्त परिवाद पत्र पर कोई विचार नहीं किया जायेगा। बिना शपथ पत्र के परिवाद पर भी कोई विचार नहीं किया जायेगा।

समीक्षा के क्रम में बताया गया कि आशा चयन हेतु अर्हता इस प्रकार हैः-

● शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम दसवीं अथवा समकक्ष उतीर्ण।
● आयु सीमा न्यूनतम 18 वर्ष एवं अधिकतम 40 वर्ष।
● संबंधित गांव की स्थायी निवासी होनी चाहिए। ● गांव/टोले की बहु या विधवा बेटी हो सकती है परंतु किसी भी परिस्थिति में अविवाहित लड़कियों का चयन आशा के रूप में नहीं किया जायेगा।
● जन वितरण प्रणाली के विक्रेता एवं सरकारी/अर्द्धसरकारी सेवकों के रिश्तेदार यथा-बेटी/पत्नी/पुत्रवधु/पौत्रवधु का चयन आशा के रूप में नहीं किया जायेगा।
● आवेदिका अगर किसी लाभ के पद पर जैसे कि मुखिया, पंचायत समिति के सदस्य/वार्ड सदस्य/जिला परिषद के सदस्य/आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका आदि के पद पर कार्य कर रही है तो आशा के रूप में उसका चयन नहीं किया जायेगा।
● एक से अधिक आवेदिका के समान योग्यता रहने पर विधिवा/अलग से रह रही महिला/तलाकशुदा/प्रशिक्षित दाई को प्राथमिकता दी जायेगी।
● वंचित समूहों को बेहतर सेवायें प्रदान करने के लिए इन समूहों से उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
● आवेदिका को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, सुमित कुमार, नगर आयुक्त, नगर निगम, बेतिया, लक्ष्मण तिवारी, अपर समाहर्ता, कुमार रविन्द्र, सिविल सर्जन, डॉ0 विजय कुमार, एसडीएम, बेतिया सदर, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, डीपीएम अमित अचल, डीसीएम, राजेश कुमार, बीसीएम, राकेश कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। साथ ही अन्य अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

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