

बेतिया मोहन सिंह।
पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ का चुनाव मार्च 2025 में संपन्न हुआ था। लगभग आठ महीने बीत जाने के बावजूद छात्रसंघ कोश में पैसा उपलब्ध होने के बाद भी एक भी कार्य नहीं हो पाया है, जो छात्र संघ की कमजोरी को दर्शाता है। यह बात छात्र संघ से निर्वाचित पीजी काउंसलर एवं शैक्षणिक सचिव सुधांशु राठौर ने पुसू अध्यक्षा पर आरोप लगाते हुए कही।
आगे राठौर ने बताया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मैं स्वयं इस छात्र संघ का सदस्य हूँ, लेकिन पीजी से संबंधित समस्याओं को लेकर मैंने लगातार पत्र लिखकर अध्यक्षा को अवगत कराया, फिर भी न तो उन पत्रों का कोई जवाब मिला और न ही उन पर कोई कार्रवाई की गई।
छात्रसंघ कोश में पैसा होने के बावजूद निकासी न कर पाना उनकी कार्यक्षमता और अयोग्यता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। किसी भी प्रकार का कार्य न कर पाना छात्र संघ के लिए शुभ संकेत नहीं है, और अब छात्रों की इस छात्र संघ से उम्मीदें भी खत्म होती जा रही हैं।
छात्राओं की सुरक्षा और विभिन्न समस्याओं को लेकर जो घूम–घूम कर डायरी में नोट किया जा रहा था, अब तो ऐसा लगता है कि वह पन्ना भी कहीं खो गया है।


