


70 बैंक सखियों ने पिछले तीन दिनों में 13578 जीविका दीदियों का बनाया आयुष्मान कार्ड
बेतिया मोहन सिंह।
जीविका समूह से जुड़ी दीदियों का आयुष्मान कार्ड बनाने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 26 मई से 28 मई तक चले विशेष अभियान में अंतिम रिपोर्ट आने तक 13578 आयुष्मान कार्ड बन चुका है । जीविका बैंक सखी के माध्यम से बनाया जा रहा है आयुष्मान कार्ड
70 बैंक सखियों ने पिछले तीन दिनों में 13578 जीविका दीदियों का बनाया आयुष्मान कार्ड
जीविका समूह से जुड़ी दीदियों का आयुष्मान कार्ड बनाने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 26 मई से 28 मई तक चले विशेष अभियान में अंतिम रिपोर्ट आने तक 13578 आयुष्मान कार्ड बन चुका है । जीविका के प्रबंधक सामाजिक विकास सतीश नें जानकारी दी कि जीविका के कैडरों के द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाने कि प्रक्रिया और इससे होने वाले फायदे के बारे में बड़े पैमाने पर समूह, ग्राम संगठन एवं संकुल संघ स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाया गया है और जिन महिलाओं का आयुष्मान कार्ड नहीं बना है उन्हें चिन्हित कर जीविका की बैंक सखी के माध्यम से आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है । जीविका के मैनेजर माइक्रोफाइनेंस बुद्धदेव कुमार ने कस्टमर सर्विस पॉइंट का दौरा किया और बताया कि जिले कि 70 बैंक सखियों को आयुष्मान कार्ड कोऑर्डिनेटर ने आयुष्मान कार्ड बनाने के लिय प्रशिक्षित किया है ।इन प्रशिक्षित बैंक सखियों ने अपने सेंटर पर आयुष्मान कार्ड बना कर इस अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई है । उन्होंने यह भी बताया कि जब दीदियों के हाथ में प्रिंटेड आयुष्मान कार्ड मिल रहा है तो दीदियों को इस बात कि अनुभूति हो रही है अब उनका परिवार अचानक आने वाले बीमारी से सुरक्षित है । उन्होंने यह भी बताया कि कस्टमर सर्विस प्वाइंट्स जहां बैंकिंग सेवा उपलब्ध कर बैंक सखी ने बैंकर्स के रूप में अपनी एक पहचान बनाई है आयुष्मान कार्ड बनाने का काम आम दिनों में करेंगी जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी भी होगी । जीविका के प्रबंधक सामाजिक विकास सतीश नें जानकारी दी कि जीविका के कैडरों के द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाने कि प्रक्रिया और इससे होने वाले फायदे के बारे में बड़े पैमाने पर समूह, ग्राम संगठन एवं संकुल संघ स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाया गया है और जिन महिलाओं का आयुष्मान कार्ड नहीं बना है उन्हें चिन्हित कर जीविका की बैंक सखी के माध्यम से आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है । जीविका के मैनेजर माइक्रोफाइनेंस बुद्धदेव कुमार ने कस्टमर सर्विस पॉइंट का दौरा किया और बताया कि जिले कि 70 बैंक सखियों को आयुष्मान कार्ड कोऑर्डिनेटर ने आयुष्मान कार्ड बनाने के लिय प्रशिक्षित किया है ।इन प्रशिक्षित बैंक सखियों ने अपने सेंटर पर आयुष्मान कार्ड बना कर इस अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई है । उन्होंने यह भी बताया कि जब दीदियों के हाथ में प्रिंटेड आयुष्मान कार्ड मिल रहा है तो दीदियों को इस बात कि अनुभूति हो रही है अब उनका परिवार अचानक आने वाले बीमारी से सुरक्षित है । उन्होंने यह भी बताया कि कस्टमर सर्विस प्वाइंट्स जहां बैंकिंग सेवा उपलब्ध कर बैंक सखी ने बैंकर्स के रूप में अपनी एक पहचान बनाई है आयुष्मान कार्ड बनाने का काम आम दिनों में करेंगी जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी भी होगी ।


