Wednesday, July 29, 2026
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ट्रेन की चपेट में आने से भालू की मौत, दो घंटे तक बाधित रही रेल परिचालन

बेतिया मोहन सिंह।

पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) से सटे वाल्मीकिनगर–पनियहवा रेलखंड पर सोमवार की अहले सुबह एक दर्दनाक हादसे में जंगली भालू की मौत हो गई। घटना वाल्मीकिनगर और पनियहवा रेलवे स्टेशन के बीच अड़गणना टोला के समीप भापसा नदी पर बने रेलवे पुल संख्या-357 पर हुई। बताया जा रहा है कि किसी अज्ञात ट्रेन की चपेट में आने से भालू की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे और वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। भालू का शव रेलवे ट्रैक पर पड़े रहने के कारण करीब दो घंटे तक रेल परिचालन प्रभावित रहा। इस दौरान कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोकना पड़ा। प्रभावित ट्रेनों में वंदे भारत एक्सप्रेस, अंत्योदय एक्सप्रेस और सप्तक्रांति एक्सप्रेस समेत अन्य रेलगाड़ियां शामिल थीं। यात्रियों को भी इस वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। वनपाल राजेश रोशन, वनरक्षी सुजीत कुमार तथा पशु चिकित्सक डॉ. संजीव रंजन कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक जांच-पड़ताल की। अधिकारियों ने भालू के शव को रेलवे ट्रैक से हटवाया, जिसके बाद रेल परिचालन को धीरे-धीरे सामान्य किया जा सका।

मदनपुर वनक्षेत्र पदाधिकारी नसीम अहमद अंसारी ने बताया कि विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि किस ट्रेन की चपेट में आने से भालू की मौत हुई। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। भालू के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि वाल्मीकिनगर–पनियहवा रेलखंड वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के निकट स्थित है, जहां अक्सर जंगली जानवरों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में वन्यजीवों की सुरक्षा और रेल परिचालन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

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