Saturday, May 2, 2026
Homeबेतियापूर्व नगर आयुक्त पर करोड़ों के भ्रष्टाचार की महीनों से लटकी जांच...

पूर्व नगर आयुक्त पर करोड़ों के भ्रष्टाचार की महीनों से लटकी जांच पर 26 पार्षदों ने मंत्री से लगाई गुहार,

आधे दर्जन प्रमाण सहित आवेदन के बाद पटना हाई कोर्ट के आदेश को विभाग स्तर पर महीनों से लटकाए रहने का आरोप,

नए नगर आयुक्त की कार्यकुशलता से प्रति माह कुल एक करोड़ और केवल साफ सफाई मद में 70 लाख प्रतिमाह का सरकारी खर्च कम होने की दी है जानकारी,

बेतिया मोहन सिंह। नगर विकास एवम आवास विभाग के मंत्री जीवेश मिश्र को 26 नगर पार्षद गण ने संयुक्त आवेदन देकर पूर्व नगर आयुक्त के द्वारा किए गए करोड़ों के भ्रष्टाचार के मामले में पटना हाईकोर्ट के आदेश को महीनों से लटकाए रखने की उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की गुहार लगाई है।
पार्षद गण ने अपने संयुक्त आवेदन में बताया है कि नगर निगम बेतिया के नगर आयुक्त श्री विनोद कुमार सिंह के कार्यकाल में पूर्व नगर आयुक्त शंभू कुमार के कार्यकाल से लगभग एक करोड़ रूपया कि सरकारी राशि की बचत कराने के साथ साथ नियमसंगत तरीके सरकारी कार्यों के निष्पादन हो रहा है।पार्षद गण ने अपने आवेदन में बताया है कि हम लोग नगर निगम बेतिया के विभिन्न वार्ड से निर्वाचित पार्षद हैं। जब से हमलोग पार्षद निर्वाचित हुए तो उस समय नगर निगम बेतिया के नगर आयुक्त शंभू कुमार थे उन्होंने अपने कार्यकाल में नियम के विरुद्ध कार्यों को करते हुए करोड़ों रूपयों की भ्रष्टाचार कर नगर निगम बेतिया को भारी क्षति पहुंचाया था। जिसके विरुद्ध अनेकों माननीय वार्ड पार्षदों ने कई बार लिखित शिकायत मुख्यमंत्री महोदय से लेकर नगर विकास एवं आवास विभाग को किया गया है ,जिसकी जांच अभी चल रही है, आवेदनों की छायाप्रति संलग्न किया है। वही पार्षद गण ने बताया है कि एक माननीय सदस्य की याचिका पर माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा सख्त आदेश के बावजूद आज तक जांच और कार्रवाई नहीं की जा सकी है। आवेदन में यह भी बताया गया है कि
शंभू कुमार के स्थानांतरण के बाद विनोद कुमार सिंह का पदस्थापन नगर निगम बेतिया में हुआ नए नगर आयुक्त श्री विनोद कुमार सिंह द्वारा लगातार नियम संगत तरीके से सभी कार्यों का निष्पादन किया जा रहा है, इनके सही निर्णय एवं बेहतर कार्यशैली की वजह से ही आज नगर निगम बेतिया को प्रतिमाह लगभग एक करोड़ रूपयों की सरकारी राशि की बचत हो रही है जो भ्रष्टाचार के रूप में अधिक खर्च होती थी। जिसका बंदर बांट कई सफेदपोशों के बीच में किए जाने का आरोप लगाया गया है।
जिसका अनेक उदाहरण और साक्ष्य पार्षद गण ने द्वारा अपने संयुक्त आवेदन में विस्तार से वर्णन किया गया है। इसमें उल्लेख है कि पूर्ववर्ती नगर आयुक्त
शंभू कुमार पूर्व नगर आयुक्त के कार्यकाल में सफाई मद में लगभग एक करोड़ 70 लाख रुपए की भुगतान प्रतिमाह किया जाता था। नगर आयुक्त श्री विनोद कुमार सिंह के द्वारा ठीक उसी प्रकार की सभी सफाई कार्यो को कराते हुए अब सफाई खर्च घटकर लगभग एक करोड़ 10 लाख रुपया के आस पास हो गई है। जिससे निगम को लगभग एक करोड़ रूपयों की प्रतिमाह बचत हो रही है। शंभू कुमार पूर्व नगर आयुक्त के कार्यकाल से नगर निगम बेतिया का वर्तमान ईंधन खर्च लगभग 5 से 7 लाख रुपया प्रतिमाह कम हो गया है। जो की पूर्व के पेट्रोल पंप को बदलने से हुआ है, पूर्व का पेट्रोल पंप पर भ्रष्टाचार होती थी। दर्जनों बार सशक्त स्थायी समिति एवं बोर्ड के निर्णय के बाद भी शंभू कुमार द्वारा पेट्रोल पंप नहीं बदला गया था।नए नगर आयुक्त विनोद कुमार सिंह के द्वारा पेट्रोल पंप को बदलकर ईंधन खर्च में भारी बचत की जा रही है। पूर्व के नगर आयुक्त शंभू कुमार द्वारा विभागीय निर्देश के विपरीत होल्डिंग टैक्स वसूली हेतु 4% कमीशन की जगह लगभग 13 % कमीशन के आधार पर स्पैरो एजेंसी को एक ही बार में 5 वर्षों का एकरारनामा कर कार्य लिया जा रहा था। दर्जनों बार सशक्त एवं बोर्ड के निर्णय के बाद भी स्पैरो एजेंसी को शंभू कुमार द्वारा नहीं हटाया गया। जबकि नए नगर आयुक्त विनोद कुमार सिंह द्वारा स्पैरो एजेंसी को बोर्ड एवं सशक्त समिति के पूर्व के निर्णय का अनुपालन करते हुए,हटा दिया गया है। शंभू कुमार पूर्व नगर आयुक्त द्वारा वर्ष 2024 –25 में नगर निगम बेतिया के मुख्य नालों की सफाई के लिए लाखों रुपए का भुगतान नियम के विरुद्ध सिटी मैनेजर, घारी प्रभारी,सफाई निरीक्षक एवं वार्ड जमादार के खातों में कर दी गई थी।सशक्त स्थाई समिति द्वारा कई बार रोक के बावजूद भी लगातार उपरोक्त लोगों के खाते में ही नाला सफाई का भुगतान कर लाखों रुपए की भ्रष्टाचार की गई थी।
शंभू कुमार के कार्यकाल में सफाई कार्यों में फर्जी सफाई कर्मियों के नाम पर प्रतिमाह लाखों रुपए भुगतान की शिकायत मिलती रही थी। परंतु
शंभू कुमार के द्वारा इस विषय पर कोई कार्रवाई ही नहीं की गई। जबकि नए नगर आयुक्त विनोद कुमार सिंह द्वारा सफाई कर्मियों के संदर्भ में बोर्ड एवं सशक्त के पूर्व के निर्णयों का अनुपालन करते हुए स्थानांतरण संबंधी आदेश से कई फर्जी सफाई कर्मी सामने ही नहीं आए ।जिनके नाम पर फर्जी तरीके से भुगतान की जा रही थी। जिससे भी नगर निगम बेतिया का लाखों रुपया प्रति महीना बचत हो रहा है। इसी प्रकार अनेकों तरह से गलत कार्यों के प्रथा पर नए नगर आयुक्त विनोद कुमार सिंह के द्वारा अंकुश लगाई गई है तथा लगातार नियमानुसार ही कार्यों का निष्पादन किया जा रहा है,जिससे कुछ भ्रष्टाचार कर रहे पार्षदों सहित अन्य लोगों को काफी बेचैनी हो रही है। पार्षद गण का कहना है कि कुछ पार्षदगण जो पूर्व नगर आयुक्त शंभू कुमार के समय में अलग से लाभ लेते थे वो बेचैन हो गए हैं। क्योंकि नए नगर आयुक्त विनोद कुमार सिंह के द्वारा अलग से लाभ देने की प्रथा को बंद कर नियमानुसार एक सामान रूप से सभी पार्षदों के कार्यों को किया जा रहा है।जिससे नाराज कुछ पार्षदगण नए नगर आयुक्त विनोद कुमार सिंह पर तरह तरह की गलत एवं निराधार आरोप लगाकर पत्राचार कर रहे हैं। जिसका हमलोग विरोध करते हैं। आवेदक पार्षद गण
ने निवेदन किया है कि हमारे इस आवेदन में अंकित सभी बिंदुओं पर विचार करते हुए पूर्व नगर आयुक्त शंभू कुमार के कार्यकाल के सभी लंबित आवेदनों की जांच एवं कार्रवाई करते हुए,नए नगर आयुक्त विनोद कुमार सिंह जो एक ईमानदार, निर्भीक एवं बिना किसी दबाव के स्वच्छ, साफ सुथरे एवं नियम संगत तरीके से कार्य करते हुए लगातार हो रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगाते हुए करोड़ों रूपयों कि सरकारी राशि की बचत करने पर हम पार्षदों की अनुसंशित समर्थन से संबंधित पत्र को स्वीकार करते हुए समुचित कार्रवाई करने की कृपा की जाए।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments

Would you like to receive notifications on latest updates? No Yes