Friday, April 17, 2026
Homeबेतियाजिला पदाधिकारी ने जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र का किया औचक निरीक्षण।

जिला पदाधिकारी ने जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र का किया औचक निरीक्षण।

योजनाओं की प्रगति की समीक्षा।

कर्मियों एवं आवेदकों से लिए फीडबैक।

कुशल युवा कार्यक्रम अंतर्गत अपेक्षित प्रगति लाने का दिए निर्देश।

बेतिया मोहन सिंह।

जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने आज जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र, बेतिया का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया कि कार्यालय में आने वाले आवेदकों एवं सह-आवेदकों के साथ संवेदनशील एवं कुशल व्यवहार सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए उनके कार्यों का त्वरित निष्पादन किया जाए।

निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यालय से प्राप्त दिसंबर 2025 की रैंकिंग रिपोर्ट के अनुसार जिले की रैंकिंग 19वीं रही। प्रबंधक, डीआरसीसी ने बताया कि वित्तीय वर्ष में निर्धारित 3070 लक्ष्य के विरुद्ध 4084 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो 133 प्रतिशत उपलब्धि दर्शाता है। इस पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया तथा आगामी माह में रैंकिंग और बेहतर करने के निर्देश दिए।

वहीं मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के अंतर्गत 6014 के लक्ष्य के विरुद्ध 7733 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो 128.58 प्रतिशत है। इस योजना में जिले की रैंकिंग 5वीं रही। जिलाधिकारी ने इस प्रदर्शन की सराहना की।

कुशल युवा कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान पाया गया कि निर्धारित 14,300 लक्ष्य के विरुद्ध 10,530 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं, जो मात्र 73.64 प्रतिशत है। जिले की रैंकिंग 33वीं रहने पर जिलाधिकारी ने खेद व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए।

साथ ही यह भी बताया गया कि केवाई पोर्टल पर हस्तांतरित 1,24,069 आवेदनों में से अब तक 63,790 आवेदकों को ही प्रशिक्षण मिल सका है। जिलाधिकारी ने सभी अपूर्ण प्रशिक्षण वाले आवेदकों को शत-प्रतिशत प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा लक्ष्य पूरा नहीं कर पाने वाले प्रशिक्षण केंद्रों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

इसके अतिरिक्त नीलाम पत्र दायर विवरणी की समीक्षा में बताया गया कि मुख्यालय से प्राप्त 2235 मामलों में से अब तक 1280 वाद दायर किए जा चुके हैं। नीलाम पत्र पदाधिकारी द्वारा 1237 नोटिस निर्गत किए गए हैं, जबकि 955 प्रस्ताव लंबित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने समयबद्ध रूप से निलामपत्र दायर करने का निर्देश दिया।

जिला पदाधिकारी ने डीआरसीसी के विभिन्न काउंटरों पर जाकर कार्य कर्मियों एवं आवेदकों से फीडबैक भी लिया।

इस अवसर पर जिला योजना पदाधिकारी, प्रदीप कुमार गोंड, प्रबंधक, डीआरसीसी, प्रेम प्रकाश दिवाकर, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, शिक्षा विभाग, श्रीमती कुमकुम पाठक सहित डीआरसीसी के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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