

बेतिया मोहन सिंह।
पूर्वी चंपारण में कथित जहरीली शराब कांड ने ऐसा कहर बरपाया कि पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मौतों के इस साइलेंट किलर खेल पर अब पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। मामले में सख्त एक्शन लेते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने तुरकौलिया थानेदार उमाशंकर माझी को लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
इस जहरीले नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए पुलिस ने बड़ा ऑपरेशन चलाया, जिसमें कुख्यात शराब तस्कर नागा राय को उसके पूरे परिवार के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, नागा राय फैमिली गैंग के जरिए लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चला रहा था जहां हर सदस्य इस काले धंधे में शामिल था। मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मृतकों के बयान के आधार पर तुरकौलिया थाना और रघुनाथपुर थाना में हत्या का केस दर्ज किया गया है। यानी यह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि एक साजिशन मौत का सौदा बन चुका है।
इस कांड में अब तक चंदू, प्रमोद यादव, पिरिक्षण माझी और हरी भगत की मौत हो चुकी है, जबकि 6 लोग अभी भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। राहत की बात यह है कि 7 लोग इलाज के बाद घर लौट चुके हैं, लेकिन गांव में अभी भी दहशत का माहौल है।
स्थिति को कंट्रोल में लाने के लिए मेडिकल टीम गांव में कैंप कर रही है, वहीं पुलिस माइकिंग के जरिए लोगों को जागरूक कर रही है कि “जहरीली शराब” से दूर रहें। सदर डीएसपी के नेतृत्व में गठित SIT लगातार छापेमारी कर रही है, ताकि इस नेटवर्क के बाकी गुर्गों को भी दबोचा जा सके।
पुलिस का साफ कहना है इस मौत के कारोबार में शामिल किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पूरे इलाके में हाई-अलर्ट है और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि इस कांड ने यह साबित कर दिया है कि शराब माफिया अब सीधे जिंदगी से खेलने पर उतर आए हैं। चंपारण रेंज के डीआईजी हर किशोर राय ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से पूछताछ भी किया तथा मोतीहारी पुलिस को कई आवश्यक दिशा निर्देश दिया।


