Friday, July 31, 2026
Homeबेतियाभूमाफिया के प्रभाव में आनन - फानन जमाबंदी रद्द करने को लेकर...

भूमाफिया के प्रभाव में आनन – फानन जमाबंदी रद्द करने को लेकर बगहा 2 के सीओ जबाब तलब

डीएम के निर्देश पर एडीएम ने मांगी स्पष्टीकरण

डीएम ने फोन कर सीओ को जमाबंदी पूर्ववत करने का दिया आदेश

बेतिया मोहन सिंह।भूमाफिया के प्रभाव में आकर बगहा 2 अंचल के सीओ सह सहायक बंदोबस्ती पदाधिकारी बृजबिहारी कुमार द्वारा जमाबंदी निरस्त करने के मामले में जिलाधिकारी तरनजोत सिंह के निर्देश पर एडीएम बेतिया राजीव कुमार सिन्हा ने स्पष्टीकरण मांगी है। इस आशय का पत्र मंगलवार को अंचल कार्यालय बगहा 2 को प्राप्तशशशशशनंनँ हुआ है। मामला अंचल के पोखरभिंडा गांव के मनोरमा देवी के भूमि की कई दशकों से चली आ रही जमाबंदी को प्रभारी सीओ द्वारा आनन – फानन में निरस्त करने की है। विदित हो यह मामला अपर समाहर्ता राजीव कुमार सिन्हा के न्यायालय में चल रहा है जिसमे अपर समाहर्ता ने डीसीएलआर बगहा के आदेश के क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाते हुए 22 अप्रैल को आदेश जारी किया था। लेकिन अंचलाधिकारी बगहा2 बृजबिहारी कुमार और कंप्यूटर ऑपरेटर मुकेश कुमार ने भूमाफिया के प्रभाव में आकर एडीएम के स्टे ऑर्डर की अवहेलना करते हुए दशकों पुरानी जमाबंदी 28 अप्रैल को रद्द कर दी। इस आशय का आवेदन डीएम के जनता दरबार में सोमवार देते हुए पीड़िता मनोरमा देवी ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कर जमाबंदी को पुनः बहाल करने और दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों व भूमाफियाओं पर कड़ी करवाई की मांग की है।*डीएम ने दिया जमाबंदी को पूर्ववत करने का आदेश* मामले की गंभीरता को देखते जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने अंचलाधिकारी सह सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी बृजबिहारी कुमार को फोन पर फटकार लगाई और पीड़िता के जमाबंदी को पुनः बहाल करने का आदेश दिया। वही एडीएम राजीव कुमार सिन्हा को दोषी अंचलाधिकारी और अंचलकर्मियों पर स्पष्टीकरण के बाद करवाई करने का निर्देश दिया है।*लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आवेदिका को सुप्रीम कोर्ट से मिली थी भूमि*गौरतलब है कि मनोरमा देवी ने 32 वर्षो पूर्व उक्त जमीन बगहा 2 अंचल के पोखरभिंडा गांव में क्रय की थी और उसपर शांतिपूर्ण जोत आबाद करते आ रही है। 2007 में पुलिस लाइन बनाने के लिए बिहार सरकार ने इस जमीन के अधिग्रहण की अधिसूचना जारी की जिसके विरुद्ध लंबी कानूनी लड़ाई चली। अंततः 2014 में मा. सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बिहार सरकार ने अधिग्रहण की अधिसूचना को निरस्त करते हुए जिला भू अर्जन कार्यालय, बेतिया को जमीन रैयतों को वापस करने का आदेश दिया। आवेदिका का कहना है कि लंबे समय तक जमीन को बचाने की कानूनी लड़ाई के दरम्यान किसी पक्षकार द्वारा पोखरभिंडा (147) मौजा स्थित मेरे खेसरा 192 और 193 के संपूर्ण रकबा 80 डिसमिल या इसके अंश भाग पर कभी कोई दावा नही किया गया। *महंगी होने की वजह से जमीन पर है भूमाफियाओ की नजर*डीएम को सौंपे गए आवेदन में यह बताया गया है कि शहर के नजदीक होने की वजह से अब यह जमीन महंगी हो गई है जिसे लेकर भूमाफियाओं की गिद्धदृष्टि है। लिहाजा 32 साल बाद नए – नए दावेदार खड़े कर तरह – तरह के मुकदमे लाकर इस जमीन को हड़पना चाहते हैं। जिसमे अंचल कार्यालय बगहा 2 से लेकर DCLR कार्यालय बगहा इनका सहयोगी बना हुआ है। भूमाफिया अंचलाधिकारी व अन्य कर्मचारियों के गठजोड़ से भूमि की अवैध खरीद बिक्री करने के प्रयास में जुटे हैं। जिससे नए कानूनी और हिंसक विवाद की आशंका है। आवेदिका का कहना है कि उनकी और पति की उम्र 70 वर्ष से अधिक है और लड़के बाहर रहते है जिसका नाजायज फायदा उठाते हुए तरह – तरह के हथकंडा अपनाकर भूमाफिया उनकी जमीन को हड़पना चाहते हैं। इसके लिए उन्हें जानमाल की क्षति पंहुचाने की धमकी भी दे रहे हैं। मामले पर त्वरित करवाई करने व न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। जिसपर जिलाधिकारी ने आवश्यक करवाई का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments

Would you like to receive notifications on latest updates? No Yes