

युद्ध को तत्काल रोका जाए और शांति बहाल करने की दिशा में सरकार पहल करें- सुभाष सिंह
बेतिया मोहन सिंह ।
गोपालगंज जिला मुख्यालय पर अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला ऐसोसिएशन (एपवा) और भाकपा माले के नेतृत्व में रसोई गैस की भारी किल्लत, बढ़ती काला बाजारी तथा केंद्र सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रतिवाद सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य सुभाष कुशवाहा ने कहा कि देश में रसोई गैस की आपूर्ति संकट गहराता जा रहा है, लेकिन सरकार और जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या को स्वीकार करने के बजाय अखबार में ब्यान देने में व्यस्त है। और जनता को गुमराह कर रहे हैं।
भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य विद्या कुशवाहा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार अमेरिका के दबाव में देश के बहुत पुराने मित्र इरान से गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की खरीदारी को बंद कर दिया। वही युध्द अपराधी इजराइल के साथ दोस्ती कर गुटनिरपेक्ष नीति को दरकिनार कर दिया जिसका नतीजा हम और हमारे देश के हर नागरिक झेल रहे हैं। वही गलत विदेश नीति के कारण आज देश की प्रतिष्ठा दुनिया में कमजोर हुई है और इसका सीधा असर आम जनता के जीवन पर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को प्रभावित किया है, जिसका खामियाजा आम गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार भुगत रहे हैं।
भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य आर. आर. नरशेमन ने कहा कि गोपालगंज सहित पूरे इलाके में रसोई गैस की भारी किल्लत है। गैस एजेंसियों के सामने महिलाएं और आम लोग घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं, जबकि जिला प्रशासन झूठा बयान दे रहा है कि गैस की कोई कमी नहीं है। इस स्थिति का फायदा उठाकर गैस की खुलेआम काला बाजारी हो रही है!
ऐपवा नेत्री आरती देवी ने कहा कि गैस की खुलेआम काला बाजारी हो रही है! उपभोक्ताओं को लूटने का काम किया जा रहा है।
ऐपवा नेत्री माधुरी देवी ने कहा कि रसोई गैस जैसी जरूरी वस्तु के मामले को मोदी सरकार ने पूरी तरह मजाक बना दिया है। गरीब परिवारों के लिए खाना बनाना भी मुश्किल होता जा रहा है।
भाकपा माले नेता नन्देश्वर राम, मंजूर आलम, रामप्रवेश राम, महेश ठाकुर, रामनाथ राम, मुन्ना शर्मा, विजय सहनी, अर्विन्द शर्मा, राजाराम माझी, शैलेंद्र राम, जहरूदीन मियां आदि नेताओं ने मांग कहा किया कि गोपालगंज जिले में रसोई गैस की आपूर्ति तुरंत सामान्य की जाए। गैस की काला बाजारी पर कड़ी कार्रवाई की जाए। जनता को झूठी जानकारी देने के बजाय प्रशासन वास्तविक स्थिति को स्वीकार कर समाधान करे।
दुनिया में चल रहे युद्धों को तत्काल रोका जाए और शांति बहाल करने की दिशा में पहल की जाए, ताकि आम जनता पर पड़ रहे संकट को कम किया जा सके।
अंत में नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि रसोई गैस की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो एपवा और भाकपा माले के नेतृत्व में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


