Thursday, April 16, 2026
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उन्नत बिहार-उज्ज्वल बिहार’ का संकल्प हुआ साकार।

तीन दिवसीय महोत्सव का हुआ शानदार समापन।

वॉकथॉन से लेकर सांस्कृतिक धमाल सहित जनभागीदारी ने रचा इतिहास।

बेतिया मोहन सिंह।

उन्नत बिहार-उज्ज्वल बिहार की थीम पर आयोजित बिहार दिवस-2026 का तीन दिवसीय भव्य समारोह आज शानदार अंदाज में संपन्न हो गया। पश्चिम चम्पारण जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस आयोजन ने जनभागीदारी, सांस्कृतिक विविधता और युवा ऊर्जा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।

समारोह की शुरुआत वॉकथॉन से हुई, जिसमें अधिकारियों, शिक्षकों, खिलाड़ियों और छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर एक जागरूक और सशक्त बिहार के निर्माण का संदेश दिया। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए यह वॉकथॉन सामाजिक एकता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का प्रतीक बना।

मुख्य कार्यक्रम का आयोजन बेतिया के बापू सभागार में किया गया, जहां दीप प्रज्ज्वलन के साथ विधिवत उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आदिवासी लोक नृत्य, कजरी, समूह नृत्य और कव्वाली जैसी प्रस्तुतियों ने बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया।

इस दौरान आयोजित फोटोग्राफी प्रदर्शनी, भोजपुरी लोक चित्रकला कार्यशाला और विभिन्न विभागों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे, जहां आमजनों को सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, क्विज, गणित ओलंपियाड, पेंटिंग, रंगोली और खेल प्रतियोगिताओं में युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

समापन समारोह में विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया और पूरे आयोजन की सफलता पर जिला प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों एवं नागरिकों का आभार व्यक्त किया।

जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, राकेश कुमार ने कहा कि बिहार दिवस-2026 के अवसर पर बेतिया में आयोजित यह तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव हमारे जिले की समृद्ध कला, परंपरा और प्रतिभा का जीवंत प्रदर्शन रहा। ‘उन्नत बिहार-उज्ज्वल बिहार’ की थीम को साकार करते हुए जिस प्रकार छात्र-छात्राओं, कलाकारों और आमजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, वह अत्यंत सराहनीय है।

इस आयोजन के माध्यम से हमने न केवल अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित और प्रोत्साहित करने का प्रयास किया है, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी एक सशक्त मंच प्रदान किया है। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, चित्रकला कार्यशालाओं और प्रदर्शनी ने यह साबित किया है कि हमारे जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक उत्सव रहा, बल्कि एक विकसित, जागरूक और आत्मनिर्भर बिहार के संकल्प को मजबूत करने का सशक्त माध्यम भी बना। आगे भी जिला कला एवं संस्कृति विभाग इसी प्रकार के आयोजनों के माध्यम से कला और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।

इस अवसर पर वरीय उप समाहर्ता, श्रीमती नगमा तबस्सुम, सुश्री ज्योति रानी, विकास कुमार, डीसीएलआर, बेतिया सदर, शिवम कुमार, डीपीओ, शिक्षा विभाग अनुभव कुमार, श्रीमती गार्गी कुमारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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