Friday, August 7, 2026
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एक और ग्रामीण को बाघ ने बनाया अपना नेवाला,आखिर कब तक ग्रामीण बाघ का शिकार होते रहेंगे,

बेतिया मोहन सिंह।
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के मांगुराहा वन क्षेत्र अंतर्गत सहोदर थाना के कैरी गांव बाघ ने एक भैंस चरवाहा को बनाया अपना नेवाला। इस घटना के बाद दोमाठ पंचायत के ग्रामीणों में दशक का माहौल है । यह घटना 1 अक्टूबर बुधवार की दोपहर की बताई जाती है।
मिली जानकारी के अनुसार सहोदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत दोमाठ पंचायत के कैरी गांव के खेखरिया टोला निवासी किशन महतो उम्र करीब 60 वर्ष को जंगल से निकले बाघ ने उस समय हमला कर धर दबोचा और मार डाला जब वह भैंस लेकर अपने घर लौट रहा था। उसके साथ दो और अन्य चरवाहे भी थे, जो शोर मचाते हुए भाग खड़े हुए और इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। सूचना पाकर घटना स्थल पर पहुंची वन विभाग की टीम शव को बरामद कर पोस्टमार्टम हेतु जीएमसीएच अस्पताल बेतिया भेज दिया । इस बावत उसकी पत्नी श्रीदेवी ने बताया कि वह अन्य चरवाहों के साथ दोपहर भैंस चराने गए थे, करीब शाम 4:00 बजे चराकर घर लौट रहे थे। इस समय बाघ ने हमला कर उन्हें उठा लिया और लेकर जंगल की ओर भाग गया। वर्ष 2025 जनवरी से लेकर अब तक वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग आधा दर्शन से अधिक ग्रामीणों को बाघ मर चुका है। लेकिन अब तक वन विभाग द्वारा कोई कारगर कदम नहीं उठाया जा सका है। आखिर कब तक ग्रामीण बाघ का नेवाला बनते रहेंगे।

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