


निर्वाचन कार्य संवेदनशील और दायित्वपूर्ण, प्रत्येक चरण पर सतर्कता और पारदर्शिता बेहद जरूरी।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों को लेकर जिला पदाधिकारी ने की समीक्षा बैठक।
सभी निर्वाची पदाधिकारियों को डिस्पैच एवं रिसेप्शन सेंटर का निरीक्षण करने का निर्देश।
पोलिंग स्टेशनों पर Assured Minimum Facilities सुनिश्चित करने पर बल।
महिला एवं युवा मतदाताओं के पंजीकरण हेतु विशेष अभियान चलाने का निर्देश।
Vulnerability Mapping और Confidence Building Measures समय पर पूर्ण करने के निर्देश।
बेतिया मोहन सिंह।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी, धर्मेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में आगामी बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 की तैयारियों को लेकर आज समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सभी निर्वाची पदाधिकारी (Returning Officers), सहायक निर्वाची पदाधिकारी (Assistant Returning Officers) तथा विभिन्न निर्वाचन प्रकोष्ठों के नोडल/वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने निर्वाचन संबंधी सभी तैयारियों की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की और पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य एक अत्यंत संवेदनशील एवं दायित्वपूर्ण कार्य है, जिसमें प्रत्येक चरण पर सतर्कता और पारदर्शिता अनिवार्य है।
उन्होंने निर्देश दिया कि –
प्रत्येक स्तर पर किए जाने वाले कार्यों के लिए एक स्पष्ट कार्ययोजना एवं समय-सीमा (Timeline) तैयार की जाए।
निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सभी दायित्वों को समन्वय एवं टीम भावना के साथ पूरा किया जाए।
नोडल पदाधिकारी अपने-अपने प्रकोष्ठों की गतिविधियों का नियमित निरीक्षण करें।
निर्वाची पदाधिकारी एवं सहायक निर्वाची पदाधिकारी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में तैयारी की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर विशेष ध्यान दें।
सभी निर्वाची पदाधिकारी (ROs) को निर्देश दिया गया कि वे डिस्पैच सेंटर एवं रिसेप्शन सेंटर का स्वयं निरीक्षण करें, ताकि आवश्यक व्यवस्थाओं की समय रहते समीक्षा और सुधार सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी पोलिंग स्टेशनों एवं केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल (CAPF) के लिए निर्धारित आवासीय स्थलों पर Assured Minimum Facilities (जैसे शौचालय, पीने के पानी की व्यवस्था, रैम्प, रोशनी आदि) समय से उपलब्ध कराई जाएं।
साथ ही, उन्होंने सभी निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों (EROs) को यह निर्देश भी दिया कि वे Gender Ratio और Age Cohort में सुधार लाने के लिए विशेष अभियान चलाएँ और मिशन मोड में अधिक से अधिक महिला एवं युवा मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित करें।
जिला पदाधिकारी ने सभी निर्वाची पदाधिकारियों को समय पर Vulnerability Mapping पूरी करने तथा संवेदनशील मतदाताओं के लिए विभिन्न Confidence Building Measures (आत्मविश्वास बढ़ाने वाले उपाय) आरंभ करने के निर्देश भी दिए, ताकि कोई भी मतदाता भय या दबाव के बिना स्वतंत्र रूप से मतदान कर सके।
श्री कुमार ने स्पष्ट किया कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी स्तरों पर मजबूत समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ करें ताकि जिले में निर्वाचन की सभी प्रक्रियाएँ बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सकें।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में नोडल पदाधिकारियों तथा निर्वाची पदाधिकारियों/सहायक निर्वाची पदाधिकारियों के बीच तालमेल और सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करना था, जिससे चुनावी तैयारियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।


