
बेतिया (मोहन सिंह) ।
भारत नेपाल के सीमावर्ती
इनरवा थाना से चंद कदमों की दूरी पर आपसी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच चलता रहा खूनी खेल और इनरवा पुलिस रही बेखबर रहीं।
मिली जानकारी के अनुसार
जब तीसरा राउंड मारपीट शुरू हुआ तब जाकर इनरवा पुलिस घटना स्थल पर पहुंची।
इनरवा थाना क्षेत्र में विधि व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई है। थाने से महज 10 कदम की दूरी पर दो पक्षों के बीच आपसी विवाद को लेकर भयंकर मारपीट हुई, जिसमें दर्जनों लोग घायल हो गए। हैरानी की बात यह रही कि जब तक तीसरे राउंड की झड़प शुरू नहीं हुई, इनरवा पुलिस पूरी तरह से निष्क्रिय बनी रही।
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत मामूली कहासुनी से हुई थी, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। लाठी-डंडों से दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला बोल दिया। मौके पर चीख-पुकार मच गई, लेकिन थाना परिसर से कुछ ही कदम की दूरी पर हो रहे इस खूनी संघर्ष को रोकने में पुलिस नाकाम साबित हुई।
घटना में शामिल दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें से कुछ को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस को बार-बार सूचना देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
घटना के बाद जब तीसरे राउंड की मारपीट शुरू हुई, तब जाकर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
अब सवाल यह उठता है कि जब थाना घटनास्थल से इतने पास था, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इस घटना ने इनरवा थाने की कार्यशैली और तत्परता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


