Saturday, June 6, 2026
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बंगाली समुदाय के एक शिष्य मण्डल ने भाकपा-माले सांसद और विधायक से मिलकर दिया ज्ञापन

भाकपा-माले के काराकाट से सांसद राजाराम सिंह, आरा से सांसद सुदामा प्रसाद, सिकटा विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता को बेतिया में बंगाली समाज ने किया सम्मानित

बंगाली समुदाय के लोगों के संवैधानिक मांग को सदन और सड़क दोनों जगह पर आवाज बुलंद करने और आंदोलनों में साथ देने का दिया भरोसा

नफरत की राजनीति करने वाली भाजपा को सत्ता और समाज दोनों जगहों से हटाने का किया आह्वान

बेतिया मोहन सिंह।

बंगाली समुदाय के एक शिष्य मंडल ने बिहार में बसे बंगाली समुदाय के जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांगों से सम्बन्धित ज्ञापन भाकपा-माले के आरा से सांसद सुदामा प्रसाद और काराकाट से सांसद राजाराम सिंह तथा सिकटा विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता से मिल कर दिया।
दरअसल आरा सांसद सुदामा प्रसाद, काराकाट सांसद राजाराम सिंह, काराकाट विधायक अरूण सिंह, सिकटा विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता, महिला आयोग की पूर्व चेयरमैन मंजू प्रकाश सहित कई पूर्व विधायक बेतिया में आयोजित अखिल भारतीय किसान महासभा के दिवसीय प्रशिक्षण सह राज्य परिषद की बैठक बेतिया में आये हुए हैं
इसी दरमियान बंगाली समुदाय के लोगों ने बरवत सेन में स्थित वृद्धा आश्रम में एक सम्मान समारोह का आयोजन कर भाकपा-माले सांसदों और विधायकों को आमंत्रित कर सम्मानित किया।
सांसद सुदामा प्रसाद सांसद राजाराम सिंह विधायक वीरेंद्र प्रसाद, अरूण सिंह मंजू प्रकाश सहित उपस्थित सभी माले विधायकों सम्मानित करने के बाद अनुकूल सरकार प्रदेश अध्यक्ष निखिल भारत बंगाली समाज,अविनाश गोलदार जिला अध्यक्ष ,गौतम जी उपाध्यक्ष, गोपाल ठाकुर वरिष्ठ नेता व संयोजक बंगाली समाज, तनद बैध, राजू विश्वास लोगों ने मिलकर एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा है कि पूर्वी बंगाल (पूर्वी पाकिस्तान) से विस्थापित एवं सरकारी नीति के तहत बसाये गये है जिनमें 90 फीसदी शरणार्थी समुदाय Namsudra, Bhuimali, Sunri, Kaibarta pod (अनुसूचित) जाति के अंतर्गत आते है। वे जाति अन्य राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, असम, मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम में अनुसूचित जाति के सारणी में है परंतु हमारे बिहार में ये सब जाति अत्यंत पिछड़ा वर्ग में शामिल किया गया है है। इस विषय को लेकर बिहार के बंगाली संगठन द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र दिया गया। सामान्य प्रशासन विभाग पत्रांक 12780 दिनांक 28/08/2015 को ADRI द्वारा सर्वे को अनुशंसा कर भारत सरकार को भेजा गया। तत्पश्चात भारत सरकार ने बिहार सरकार से बिहार में बसे बंगाली समुदाय का इथनोग्राफिक रिपोर्ट मांगा गया बिहार सरकार ने पत्रांक 16045 दिनांक 07/09/2022 को सर्वे के माध्यम से रिपोर्ट भेजी। फिर भी हमारे समुदाय के ये सब जाति को अनुसुचित जाति कि सारणी में शामिल नहीं किया गया है।
इस विषय को लेकर अनुसूचित जाति आयोग भारत सरकार को भी पत्र दिया जा चुका है परंतु आवेदन को निरस्त कर दिया गया।
इस अवसर पर भाकपा-माले सांसद सुदामा प्रसाद, सांसद राजाराम सिंह और सिकटा विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने संयुक्त रूप से विश्वास दिलाया कि हमारीे पार्टी और विधायक दल लोकसभा और विधानसभा के अंदर और बाहर
बंगाली समुदाय के लोगों के संविधानिक मांग को लेकर सदन और सड़क दोनों जगह पर आवाज बुलंद करने और आंदोलन करेगी,
आगे सांसदों और विधायकों ने कहा कि केन्द्र में और राज्य में तथाकथित डबल इंजन की मोदी सरकार चल रही है, जो धार्मिक, भाषायी, जातिय और क्षेत्रीय आधार पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के अधिकारों पर हमला कर रहीं हैं, आये दिन संविधान और लोकतंत्र को कुचला जा रहा है, मोदी सरकार धार्मिक अल्पसंख्यकों और भाषायी अल्पसंख्यकों को टार्गेट कर हमला कर समाज में नफरत की राजनीति कर रहीं हैं। जाति हिंसा और बलात्कार की संस्कृति को बढ़ावा देने वाली भाजपा गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलती है तो कभी मस्जिदों के नीचे मंदिरों को खोजने के लिए खुदाई करने में व्यस्त है, विभिन्न समुदायों के अधिकारों और हक नहीं देना पडे इसके लिए भाजपा हिन्दू मुस्लिम करने में व्यस्त है इस जनविरोधी भाजपा को सत्ता और समाज दोनों जगहों से हटाने का आह्वान किया।

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