Saturday, June 6, 2026
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सामुदायिक शौचालयों पर लटके ताले, महिलाओं ने बोली खेत वले गाली देते हैं एवं बुरा भला सुनते

बलिया। बैरिया ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत श्रीकांतपुर उर्फ नारायणगढ़ में बने सामुदायिक शौचालयों पर ताले लटके हैं। इस कारण मजबूरन गांव के उन महिलाओं बच्चों को खुले में शौच जाना पड़ रहा है, जिनके घर में अभी तक शौचालय नहीं है।स्वच्छ भारत अभियान के तहत केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2020-21 में हर ग्राम पंचायत में एक सामुदायिक शौचालय बनाने का निर्देश दिया गया था। पंचायती राज विभाग द्वारा बनवाया भी गया। लेकिन आज तक श्रीकांतपुर उर्फ नारायणगढ़ में सामुदायिक शौचालय का ताला खुलवाने में नाकाम रहा।
गांव के रूबी देवी,रेखा दबी, मुन्नी देवी, बसंती देवी रेखा देवी पत्नी अयोध्या प्रसाद इत्यदी दर्जनों महिलाओं का आरोप है कि सामुदायिक शौचालय न तो सुबह की शिफ्ट में और न शाम की शिफ्ट में खुल रहे। इन शौचालयों के रखरखाव और संचालित करने का दायित्व जिन स्वयं सहायता समूह के कंधों पर है वह भी मनमानी बरत रहे हैं। उन्हें बिना काम के मानदेय और साबुन और अन्य सामान मिल रहा है। गांव का महिलाओं ने बताई की शौच के लिए जाना है तो खेतों की ओर रुख करना पड़ता है
खेत में गेहूं,आलू,चना इत्यादि का फसल होने से खेत वले गाली देते हैं एवं बुरा भला बोलते सुनते हुए ईंट पत्थर भी खाना पड़ता है। एवं सड़क पर बैठने पर पैदल गाड़ी वाले उपवास उड़ाते हैं इसका तनिक भी ग्राम प्रधान एवं सचिव का महिलाओं के प्रति तनिक भी इज्जत का ख्याल नहीं है।

विभाग का दावे

जिला पंचायत विभाग को ब्लाक के बीडीओ और एडीओ की ओर से दी गई रिपोर्ट की मानें तो सभी ग्राम पंचायतों में बने सामुदायिक शौचालय सक्रिय हैं और सभी संचालित हैं। मगर उपभोक्ता की दुनिया अखबार ने देहात के बैरिया ब्लॉक गांवों में जाकर सामुदायिक शौचालयों की पड़ताल की तो दावों की पोल खुल गई। तमाम सामुदायिक शौचालयों पर ताले लटके मिले। पूछने पर गांव के लोगों ने बताया कि सामुदायिक शौचालय कभी नहीं खुलते हैं।
श्रीकांतपुर उर्फ नारायणगढ़ के पड़ताल में ये सभी सामुदायिक शौचालयों पर ताले लटके मिले। अगर सामुदायिक शौचालयों का सत्यापन करा लिया जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। मगर दिक्कत ये है कि जब कोई जिला स्तरीय अधिकारी फील्ड में निरीक्षण को निकलते हैं तो सूचना पहले पहुंच जाती है तब शौचालय से ताला खुल जाता है और पंचायतघर भी सक्रिय नजर आते हैं। ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया गया और लाखों रुपये खर्च किए गए मगर ताला बंद रहता है। गांव गरीब को शौचालय नहीं मिल रहा है। जिससे महिलाओं को घर के बाहर जाना पड़ता है। इस ओर सरकारी सिस्टम भी लापरवाही बरत रहा है। – गांव की वार्ड नंबर 6 सदस्य सिमा सिंह

ये बोले जिम्मेदार

श्रीकांत पुर उर्फ़ नारायणगढ़ प्रधान अरुण यादव से फोन पर बात हई उन्होंने बताया कि चुनावी महौल है एवं जल नल योजना के तहत कार्य चल रहा है जिसके कारण से शौचालय में पानी नहीं है इसलिए शौचालय बंद है इस समय स्वयं सहायता समूह का पेमेंट बंद किया गया है।
बैरिया एसडीओ पंचायत उमेश सिंह ने बताया कि इस संबंध में सूचना मिली थी सचिव को कारण बताओं नटिस जारी किया गया है यदि अधिक जानकारी लेना हो तो सचिव से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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