


अखिर कौन होगा इसका जिम्मेवार
बेतिया मोहन सिंह।
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में मंगलवार को ट्रैफिक जाम ने कई छात्राओं का भविष्य दांव पर लगा दिया। मैट्रिक की पहली परीक्षा देने जा रही कई बच्चियां समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सकीं, जिसके कारण उन्हें प्रवेश नहींमिल पाया।
छात्राओं ने बताया कि शहर में भारी ट्रैफिक जाम की वजह से वे निर्धारित समय से देर से पहुंचीं। जब वे परीक्षा केंद्र पहुंचीं तो गेट बंद हो चुका था और उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। प्रवेश नहीं मिलने पर छात्राएं गेट के पास ही फूट-फूट कर रोने लगीं।
यह मामला आमना उर्दू प्लस टू विद्यालय परीक्षा केंद्र का बताया जा रहा है, जहां कई छात्राओं को परीक्षा देने से वंचित रहना पड़ा। घटना के बाद अभिभावकों में भी आक्रोश और निराशा का माहौल देखा गया। आखिर कौन होगा इसका जिम्मेवार। जबकि बेतिया की ट्रैफिक पुलिस हाईटेक हो गई है और गाड़ी में बैठे-बैठे ही मैकिंग से जाम कंट्रोल करने से नहीं थकती। इसके साथ ही जाऊं वाले क्षेत्रों में वहां की स्थानीय थाना पुलिस को कोई मतलबी नहीं है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर की जाए, ताकि विद्यार्थियों का नुकसान न हो।


